कानपुर की बिजली व्यवस्था से उद्यमी परेशान, पुराने सिस्टम और ट्रिपिंग ने बढ़ाई मुश्किलें

कानपुर के औद्योगिक क्षेत्रों में बार-बार बिजली ट्रिपिंग, फाल्ट, पुरानी लाइनें और जर्जर खंभे उद्यमियों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। फजलगंज और इस्पात नगर के उद्यमियों का कहना है कि बिजली कटौती और अनिश्चित आपूर्ति से उत्पादन प्रभावित होने के साथ कारोबार को लाखों-करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। वहीं केस्को एमडी नेहा जैन का कहना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर में पहले से सुधार हुआ है और फाल्ट की स्थिति में सुरक्षा के लिए शटडाउन लेना पड़ता है।

Aug 9, 2026 - 10:34
Aug 11, 2026 - 15:41
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कानपुर की बिजली व्यवस्था से उद्यमी परेशान, पुराने सिस्टम और ट्रिपिंग ने बढ़ाई मुश्किलें

कानपुर में बिजली का झटका! पुराने सिस्टम से परेशान उद्यमी, ट्रिपिंग और

 फाल्ट से उत्पादन प्रभावित

कानपुर। ब्यूरो, बिंदास बोल न्यूज़ विशेष संवाददाता कानपुर की औद्योगिक इकाइयों के सामने बिजली व्यवस्था बड़ी चुनौती बनती जा रही है। फजलगंज और इस्पात नगर जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में बार-बार बिजली ट्रिपिंग, फाल्ट, पुरानी लाइनें और जर्जर खंभों की समस्या को लेकर उद्यमियों में नाराजगी है।

उद्यमियों का कहना है कि कानपुर देश की प्रमुख औद्योगिक नगरी है और यहां हजारों छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयों से लाखों लोगों का रोजगार जुड़ा है। ऐसे में निर्बाध बिजली आपूर्ति उद्योगों के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन बार-बार बिजली जाने से उत्पादन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

ट्रिपिंग से मशीनें बंद, उत्पादन पर असर

उद्यमियों के मुताबिक बिजली कुछ मिनटों के लिए भी चली जाए तो कई औद्योगिक प्रक्रियाएं प्रभावित होती हैं। मशीनें बंद होने के बाद उन्हें दोबारा शुरू करने में समय लगता है। कर्मचारियों को काम रोककर बैठना पड़ता है और तैयार माल की डिलीवरी भी प्रभावित हो सकती है।

उद्यमियों का दावा है कि लगातार होने वाली ट्रिपिंग और फाल्ट के चलते कई बार घंटों तक काम प्रभावित रहता है, जिससे कारोबार को लाखों रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ता है।

पुराने खंभे और लाइनें बनी परेशानी

उद्यमियों का कहना है कि कानपुर में लगातार नए उद्योग विकसित हो रहे हैं और मौजूदा औद्योगिक इकाइयां भी उत्पादन बढ़ा रही हैं। ऐसे में बिजली के बुनियादी ढांचे को भी उद्योगों की बढ़ती जरूरत के अनुसार आधुनिक बनाने की जरूरत है।

उनका सवाल है कि हर साल प्री-मानसून मेंटेनेंस की बात होने के बावजूद कई स्थानों पर पुराने खंभे और पुरानी बिजली लाइनें अभी भी क्यों बनी हुई हैं।

उद्यमियों का कहना है कि फाल्ट होने के बाद मरम्मत करने के बजाय ऐसी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए, जिससे बार-बार फाल्ट और ट्रिपिंग की समस्या कम हो।

फीटा ने भी जताई नाराजगी

फीटा के महासचिव उमंग अग्रवाल के मुताबिक, केस्को की मौजूदा व्यवस्थाओं से उद्यमी संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि हर साल अधिकारियों के साथ बैठकें होती हैं, समस्याओं पर चर्चा होती है और समाधान का भरोसा भी दिया जाता है, लेकिन जमीनी स्तर पर अपेक्षित बदलाव दिखाई नहीं देता।

उद्यमियों के मुताबिक बिजली की अनिश्चितता के कारण उत्पादन की योजना बनाना मुश्किल हो जाता है और कई बार ऑर्डर समय पर पूरा करने में भी परेशानी आती है।

केस्को एमडी ने क्या कहा?

वहीं केस्को एमडी नेहा जैन का कहना है कि केस्को का इंफ्रास्ट्रक्चर पहले की तुलना में बेहतर हुआ है। उनका कहना है कि बारिश के दौरान अब बहुत लंबे समय तक बिजली कटौती नहीं होती। फाल्ट होने की स्थिति में सुरक्षा के लिहाज से शटडाउन लेना आवश्यक होता है, जिसके कारण बिजली बहाल करने में कुछ समय लग सकता है।

स्थायी समाधान की मांग

उद्यमियों का कहना है कि कानपुर की औद्योगिक पहचान को मजबूत बनाए रखने के लिए बिजली व्यवस्था को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप आधुनिक बनाना जरूरी है। उनका कहना है कि जर्जर खंभों और पुरानी लाइनों को बदलने के साथ ट्रिपिंग और लोकल फाल्ट की समस्या का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।

अब सवाल यह है कि कानपुर के औद्योगिक क्षेत्रों को कब ऐसी बिजली व्यवस्था मिलेगी, जिससे मशीनें बिना रुकावट चलें और उद्यमियों को बार-बार होने वाली ट्रिपिंग से राहत मिल सके।

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