'मेरी जान को खतरा है...' प्रधानाध्यापिका ने खुद को स्कूल के कमरे में किया बंद, महोलिया स्कूल में हाईवोल्टेज ड्रामा

घाटमपुर(कानपुर)। साढ़ थाना क्षेत्र के महोलिया गांव स्थित कंपोजिट विद्यालय में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब प्रधानाध्यापिका सत्यवती ने जान को खतरा बताते हुए खुद को स्कूल के एक कमरे में बंद कर लिया। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के काफी समझाने के बाद भी उन्होंने दरवाजा नहीं खोला। बाद में उनकी बहन को मौके पर बुलाया गया, जिसके बाद वह कमरे से बाहर आईं। मामला प्रधानाध्यापिका और विद्यालय की रसोइयों के बीच मिड-डे-मील को लेकर चल रहे विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। विद्यालय के सहायक अध्यापकों और शिक्षामित्रों ने प्रधानाध्यापिका की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी और थाना पुलिस को शिकायत दी है। स्टाफ का दावा है कि विवाद के चलते करीब एक माह से विद्यालय में मध्याह्न भोजन नहीं बन रहा है। वहीं, पूरे मामले को लेकर एसीपी ने नाराजगी जताते हुए बीएसए को जल्द निस्तारण के निर्देश दिए हैं।

Aug 11, 2026 - 16:04
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'मेरी जान को खतरा है...' प्रधानाध्यापिका ने खुद को स्कूल के कमरे में किया बंद, महोलिया स्कूल में हाईवोल्टेज ड्रामा
महोलिया कंपोजिट विद्यालय में प्रधानाध्यापिका के खुद को कमरे में बंद करने के बाद बाहर मौजूद पुलिस, शिक्षा विभाग के अधिकारी और विद्यालय स्टाफ का प्रतिनिधित्व करता हुआ न्यूज विजुअल। बैकग्राउंड में सरकारी स्कूल की इमारत, सामने पुलिसकर्मी और तनावपूर्ण माहौल।
'मेरी जान को खतरा है...' प्रधानाध्यापिका ने खुद को स्कूल के कमरे में किया बंद, महोलिया स्कूल में हाईवोल्टेज ड्रामा

बिंदास बोल न्यूज़ विशेष संवाददाता

घाटमपुर(कानपुर)। साढ़ थाना क्षेत्र के महोलिया गांव स्थित कंपोजिट विद्यालय में मंगलवार सुबह उस समय हाईवोल्टेज ड्रामा हो गया, जब प्रधानाध्यापिका सत्यवती ने अपनी जान को खतरा बताते हुए खुद को विद्यालय के एक कमरे में बंद कर लिया। उन्होंने पुलिस को फोन कर सुरक्षा की गुहार लगाई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें बाहर आने के लिए समझाया, लेकिन उन्होंने काफी देर तक दरवाजा नहीं खोला। बाद में खंड शिक्षा अधिकारी पूनम वर्मा भी मौके पर पहुंचीं। काफी समझाने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला तो प्रधानाध्यापिका की बहन को बुलाया गया। बहन के पहुंचने के बाद सत्यवती कमरे से बाहर आईं।

रसोइयों से विवाद के बाद बढ़ा मामला

बताया गया कि प्रधानाध्यापिका का विद्यालय की रसोइयों निर्मला और अनीता से मिड-डे-मील को लेकर विवाद चल रहा है। प्रधानाध्यापिका का कहना है कि वह जितनी देर विद्यालय में रहती हैं, उतनी ही देर रसोइयों को भी विद्यालय में रहना चाहिए।

16 जुलाई को इसी बात को लेकर विवाद हुआ था। विद्यालय स्टाफ का आरोप है कि प्रधानाध्यापिका ने मुख्य दरवाजे पर ताला लगाकर रसोइयों को अंदर बंद कर दिया था। स्टाफ का यह भी आरोप है कि प्रधानाध्यापिका अक्सर वीडियो बनाती हैं और विरोध करने पर मुकदमे में फंसाने की धमकी देती हैं।

विवाद के बाद प्रधानाध्यापिका करीब 15 दिन के चिकित्सीय अवकाश पर चली गई थीं। इसी दौरान रसोइयों ने भी विद्यालय आना बंद कर दिया। अवकाश से लौटने के बाद मंगलवार को रसोइयां दोबारा विद्यालय पहुंचीं। आरोप है कि उन्हें देखते ही प्रधानाध्यापिका ने उन पर चाकू लाने का आरोप लगाया और पुलिस को सूचना देकर खुद को कमरे में बंद कर लिया।

एक माह से नहीं बना मिड-डे-मील

विद्यालय स्टाफ का कहना है कि प्रधानाध्यापिका और रसोइयों के बीच चल रहे विवाद के कारण करीब एक महीने से विद्यालय में मिड-डे-मील नहीं बन रहा है। इससे विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के मध्याह्न भोजन की व्यवस्था प्रभावित होने का आरोप लगाया गया है।

विद्यालय में प्रधानाध्यापिका सत्यवती के अलावा सहायक अध्यापक शिवकुमार, सुयश कटियार और अरविंद तथा शिक्षामित्र सोनी देवी और रुद्रपाल तैनात हैं।

स्टाफ ने डीएम और पुलिस से की शिकायत

मंगलवार की घटना के बाद विद्यालय के सहायक अध्यापक और शिक्षामित्रों में भी नाराजगी दिखाई दी। स्टाफ ने प्रधानाध्यापिका की कार्यशैली और विवादों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय में शिकायत पत्र दिया। इसके अलावा साढ़ थाना पुलिस को भी प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की जानकारी दी गई।

स्टाफ का आरोप है कि पिछले तीन वर्षों के दौरान विद्यालय के कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। उनका कहना है कि उन्होंने कई बार खंड शिक्षा अधिकारी और बेसिक शिक्षा अधिकारी से विवाद का समाधान कराने की मांग की, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला।

वर्ष 2024 में भी दर्ज हुई थी रिपोर्ट

बताया गया कि प्रधानाध्यापिका सत्यवती ने वर्ष 2024 में विद्यालय स्टाफ के खिलाफ मारपीट और एससी-एसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में दो लोगों के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है।

मंगलवार को हुई घटना के बाद विद्यालय स्टाफ ने अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर विवाद का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।

एसीपी ने जताई नाराजगी

प्रधानाध्यापिका के खुद को कमरे में बंद करने और काफी देर तक दरवाजा नहीं खोलने की घटना को लेकर एसीपी कृष्णकांत यादव ने नाराजगी जताई। पुलिस और ग्रामीणों के बीच यह चिंता भी रही कि यदि ऐसी स्थिति विद्यालय में बच्चों की मौजूदगी के दौरान बनती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।

एसीपी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को पूरे मामले का जल्द निस्तारण कराने के निर्देश दिए हैं।

बीएसए ने कहा- नोटिस जारी कर मांगा जाएगा स्पष्टीकरण

बीएसए हरिओम सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। खंड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से प्रधानाध्यापिका को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। विभागीय स्तर पर पूरे प्रकरण की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल महोलिया कंपोजिट विद्यालय में प्रधानाध्यापिका, रसोइयों और विद्यालय स्टाफ के बीच चल रहा विवाद चर्चा का विषय बना हुआ है। अब शिक्षा विभाग की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति और जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकेगी।

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