कानपुर इस्कॉन मंदिर में झूलन यात्रा शुरू, फूलों के निकुंज में विराजे राधा-माधव; 28 अगस्त तक झुला सकेंगे भक्त
कानपुर। शहर के इस्कॉन मंदिर में प्रेम, भक्ति और आनंद के प्रतीक झूलन यात्रा महोत्सव का रविवार को भक्तिमय माहौल में शुभारंभ हुआ। पवित्रोपन एकादशी के अवसर पर शुरू हुए इस उत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर श्री श्री राधा माधव के दर्शन किए और श्रद्धापूर्वक भगवान को झूला झुलाया। मंदिर प्रांगण को वृंदावन के निकुंजों की तर्ज पर फूलों, फलों और लताओं से सजाया गया है। यह महोत्सव 28 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान रोज शाम 7 बजे से श्रद्धालु भगवान को झूला झुला सकेंगे।
बिंदास बोल न्यूज़ विशेष संवाददाता
कानपुर। शहर के इस्कॉन मंदिर में प्रेम, भक्ति और आनंद के प्रतीक झूलन यात्रा महोत्सव का रविवार को भक्तिमय माहौल में भव्य शुभारंभ हुआ। पवित्रोपन एकादशी के अवसर पर शुरू हुए इस उत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर भगवान श्री श्री राधा माधव के दर्शन किए और श्रद्धापूर्वक उन्हें झूला झुलाया।
झूलन यात्रा महोत्सव 28 अगस्त यानी श्री बलराम पूर्णिमा तक चलेगा। इस दौरान मंदिर में प्रतिदिन विशेष धार्मिक आयोजन किए जाएंगे।
वृंदावन के निकुंजों की तर्ज पर सजा मंदिर
झूलन यात्रा को लेकर इस्कॉन मंदिर प्रांगण को विशेष रूप से सजाया गया है। मंदिर में वृंदावन के निकुंजों की तर्ज पर फूलों, फलों और हरी-भरी लताओं से आकर्षक सजावट की गई है।
सुंदर फूलों से सजे झूले पर विराजमान श्री श्री राधा माधव की मनोहारी झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। भगवान के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त मंदिर पहुंच रहे हैं।
हर साल इस्कॉन की ओर से दुनिया भर में झूलन यात्रा का आयोजन किया जाता है। यह उत्सव भगवान श्री कृष्ण और श्रीमती राधारानी के मधुर प्रेम और दिव्य लीलाओं का प्रतीक माना जाता है।
मृदंग और करताल की गूंज से भक्तिमय हुआ माहौल
झूलन यात्रा के शुभारंभ के दौरान मंदिर परिसर हारमोनियम, मृदंग और करताल की मधुर ध्वनियों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने संकीर्तन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और भक्ति में झूमते नजर आए।
पूरे मंदिर परिसर में कृष्ण नाम के संकीर्तन से वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और झूलन उत्सव में हिस्सा लिया।
इस्कॉन कानपुर के मंदिर अध्यक्ष श्रीमान प्रेम हरिनाम प्रभु जी ने शहरवासियों से इस दिव्य उत्सव में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।
28 अगस्त तक रोज शाम 7 बजे झुला सकेंगे भक्त
मंदिर प्रशासन के मुताबिक, झूलन उत्सव 28 अगस्त तक प्रतिदिन शाम 7 बजे से आयोजित किया जाएगा। इस दौरान आम श्रद्धालुओं को भी भगवान श्री श्री राधा माधव को झूला झुलाने का अवसर मिलेगा।
28 अगस्त को भगवान श्री कृष्ण के बड़े भाई श्री बलराम जी का प्राकट्य उत्सव यानी बलराम जयंती भी धूमधाम से मनाया जाएगा।
जन्माष्टमी महोत्सव की तैयारियां तेज
झूलन यात्रा के साथ ही इस्कॉन मंदिर में आगामी जन्माष्टमी महोत्सव की तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं। मंदिर में 3 से 6 सितंबर 2026 तक चार दिवसीय जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।
इस दौरान 4 सितंबर को श्री कृष्ण जन्माष्टमी और 5 सितंबर को इस्कॉन के संस्थापक आचार्य श्रील प्रभुपाद जी की व्यास पूजा भव्य रूप से मनाई जाएगी।
जन्माष्टमी महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए मंदिर प्रशासन की ओर से व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। मंदिर परिसर में सुरक्षा, श्रद्धालुओं की सुविधा और धार्मिक आयोजनों को लेकर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
झूलन यात्रा से लेकर जन्माष्टमी महोत्सव तक इस्कॉन मंदिर में आने वाले दिनों में लगातार भक्ति और धार्मिक आयोजनों का उत्साह देखने को मिलेगा।
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