कानपुर में रिटायर फौजी की गोली लगने से मौत, बेटे की नौकरी को लेकर थे तनाव में; परिजन बोले- बंदूक साफ करते समय चली गोली
कानपुर। बर्रा थाना क्षेत्र के दामोदर नगर में रविवार दोपहर लाइसेंसी बंदूक से गोली लगने से रिटायर फौजी की मौत हो गई। गोली चलने की आवाज सुनकर परिजन दूसरी मंजिल स्थित कमरे में पहुंचे तो रामबाबू राजपूत खून से लथपथ मिले। परिजन उन्हें निजी अस्पताल ले गए, जहां से गंभीर हालत में हैलट अस्पताल रेफर किया गया। करीब एक घंटे के इलाज के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों का कहना है कि वह बंदूक साफ कर रहे थे, तभी अचानक गोली चल गई। पुलिस हादसे और आत्महत्या, दोनों पहलुओं पर जांच कर रही है।
बिंदास बोल न्यूज़ विशेष संवाददाता
कानपुर। बर्रा थाना क्षेत्र के दामोदर नगर में रविवार दोपहर लाइसेंसी बंदूक से गोली लगने से रिटायर फौजी की मौत हो गई। गोली चलने की आवाज सुनकर परिजन दूसरी मंजिल स्थित कमरे में पहुंचे तो रामबाबू राजपूत (51) खून से लथपथ जमीन पर पड़े मिले।
परिजन उन्हें तत्काल एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें हैलट अस्पताल रेफर कर दिया। हैलट में करीब एक घंटे तक इलाज चलने के बाद डॉक्टरों ने रामबाबू को मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलने पर बर्रा पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने लाइसेंसी बंदूक और मौके से मिला खोखा कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
2012 में सेना से हुए थे रिटायर
दामोदर नगर निवासी रामबाबू राजपूत वर्ष 2012 में सेना से रिटायर हुए थे। वर्तमान में वह कानपुर देहात के भोगनीपुर-पुखरायां स्थित एसबीआई बैंक में गनमैन के पद पर तैनात थे।
परिवार में पत्नी संतोषी, बेटा सूरज सिंह राजपूत और बेटी नेहा राजपूत हैं।
परिजनों के मुताबिक, रामबाबू अपने बेटे के भविष्य और नौकरी को लेकर चिंतित रहते थे। बेटे सूरज के अनुसार हाल ही में राजपूत रेजीमेंट में सीधी भर्ती निकली थी। वह रिलेशनशिप सर्टिफिकेट बनवाने के लिए दो दिन पहले फ्लाइट से बेंगलुरु गया था।
सर्टिफिकेट नहीं बन पाने के कारण सूरज भर्ती में शामिल होकर चयन प्रक्रिया पूरी नहीं कर सका। उसने फोन पर इसकी जानकारी अपने पिता को दी थी। इसके बाद रामबाबू काफी परेशान हो गए थे। शनिवार देर शाम बेंगलुरु से लौटने के बाद सूरज ने भी पिता को समझाने का प्रयास किया था।
कमरे में गए, कुछ देर बाद सुनाई दी गोली की आवाज
रविवार दोपहर करीब तीन बजे रामबाबू घर की दूसरी मंजिल पर बने कमरे में लाइसेंसी बंदूक साफ करने के लिए गए थे। कुछ देर बाद कमरे के अंदर से गोली चलने की आवाज सुनाई दी।
आवाज सुनकर परिवार के लोग तत्काल कमरे में पहुंचे। वहां रामबाबू खून से लथपथ हालत में जमीन पर पड़े मिले। परिजन उन्हें लेकर निजी अस्पताल पहुंचे, लेकिन हालत गंभीर होने पर उन्हें हैलट अस्पताल रेफर कर दिया गया।
हैलट में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों ने घटना की सूचना 112 नंबर पर पुलिस को दी। सूचना मिलते ही बर्रा पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची।
बंदूक और खोखा पुलिस ने कब्जे में लिया
फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने मौके से लाइसेंसी बंदूक और खोखा कब्जे में ले लिया है।
पुलिस अब घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, परिजनों के बयानों और फोरेंसिक जांच के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल कर रही है।
हादसा या आत्महत्या, दोनों पहलुओं पर जांच
बर्रा थाना प्रभारी रविंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि परिजनों से पूछताछ में गोली दुर्घटनावश चलने और आत्महत्या किए जाने, दोनों तरह की बातें सामने आई हैं।
उन्होंने बताया कि घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही मौत की वजह पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस के मुताबिक, तहरीर मिलने के बाद मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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