कानपुर में आर्य युवा शक्ति दल का श्रावणी उपाकर्म आयोजन, लगभग 100 युवाओं का हुआ यज्ञोपवीत संस्कार
कानपुर के बिठूर स्थित मनु सत्तरूपा मंदिर में आर्य युवा शक्ति दल ने श्रावणी उपाकर्म पर्व पर भव्य आयोजन किया। कार्यक्रम में लगभग 100 युवाओं का वैदिक विधि-विधान से यज्ञोपवीत संस्कार कराया गया।
आर्य युवा शक्ति दल द्वारा श्रावणी उपाकर्म का भव्य आयोजन, लगभग 100 युवाओं का कराया गया यज्ञोपवीत संस्कार
कानपुर। आर्य युवा शक्ति दल द्वारा श्रावणी उपाकर्म पर्व के अवसर पर बिठूर स्थित मनु सत्तरूपा मंदिर में भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर लगभग 100 युवाओं का वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ यज्ञोपवीत संस्कार कराया गया।
📍कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री उमेश निगम, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, दिव्य प्रेम सेवा मिशन रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री अनिल गुप्ता उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री विनय शुक्ला ने की। अतिथियों ने श्रावणी उपाकर्म की वैदिक एवं सांस्कृतिक परंपरा को समाज के बीच पुनः प्रतिष्ठित करने के प्रयास की सराहना की।
📍कार्यक्रम के संयोजक श्री ऋषभ श्रीवास्तव ने श्रावणी उपाकर्म के धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक महत्व पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि श्रावणी उपाकर्म केवल एक कर्मकांड नहीं है, बल्कि आत्मशुद्धि, स्वाध्याय, संकल्प और संस्कार का पर्व है।
📍उन्होंने कहा कि यज्ञोपवीत भारतीय वैदिक परंपरा में ज्ञान, कर्तव्य और अनुशासन का प्रतीक है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि श्रावणी उपाकर्म एवं यज्ञोपवीत संस्कार को किसी एक वर्ग या समुदाय विशेष तक सीमित मानने की धारणा को समाप्त किया जाना चाहिए।
📌ऋषभ श्रीवास्तव ने कहा कि यह वैदिक परंपरा समस्त हिंदू समाज की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक धरोहर है। समाज के अधिकाधिक युवाओं को इस संस्कार और परंपरा से जोड़ना समय की आवश्यकता है।
👉कार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ युवाओं का यज्ञोपवीत संस्कार संपन्न कराया गया। इस अवसर पर श्री संदीप दीक्षित ने वैदिक यज्ञ संपन्न कराया तथा अपने मधुर भजनों के माध्यम से पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
🌹विशेष रूप से “भारत माँ शेरों वाली है” भजन ने उपस्थित युवाओं एवं श्रद्धालुओं में राष्ट्रभक्ति और उत्साह का संचार किया।
📌कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा, सामाजिक कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को अपनी वैदिक परंपराओं, संस्कारों और भारतीय संस्कृति से जोड़ना तथा समाज में श्रावणी उपाकर्म के वास्तविक स्वरूप के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना रहा।
आर्य युवा शक्ति दल ने संकल्प व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में श्रावणी उपाकर्म को और व्यापक स्तर पर आयोजित कर समस्त हिंदू समाज को इस वैदिक संस्कार से जोड़ने का अभियान आगे बढ़ाया जाएगा।
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