उन्नाव में डेंगू का प्रकोप बढ़ा, 42 वर्षीय युवक की हालत बिगड़ी; कानपुर के निजी अस्पताल में भर्ती
उन्नाव। स्वाइन फ्लू के बाद अब जिले में डेंगू के मामले सामने आने लगे हैं। बुधवार को शुक्लागंज निवासी 42 वर्षीय युवक में डेंगू की पुष्टि हुई। डेंगू संक्रमण के चलते उसके यकृत के प्रभावित होने की बात सामने आई है। हालत गंभीर होने पर युवक को कानपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे पहले 5 अगस्त को हिलौली और पुरवा ब्लॉक में तीन मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई थी। स्वास्थ्य विभाग अब मच्छरों की रोकथाम के लिए अभियान शुरू करने की तैयारी में है।
बिंदास बोल न्यूज़ विशेष संवाददाता
उन्नाव। जिले में स्वाइन फ्लू के बाद अब डेंगू के मामले सामने आने लगे हैं। बुधवार को शुक्लागंज निवासी 42 वर्षीय युवक में डेंगू की पुष्टि हुई। संक्रमण के चलते युवक का यकृत भी प्रभावित होने की बात सामने आई है। हालत गंभीर होने पर उसे कानपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, जिले में डेंगू को लेकर निगरानी की जा रही है। इससे पहले 5 अगस्त को हिलौली और पुरवा ब्लॉक में तीन मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई थी।
डेंगू से बचाव के लिए सावधानी जरूरी
फिजीशियन कौशलेंद्र प्रकाश ने बताया कि डेंगू मच्छर के काटने से फैलता है। इससे बचाव के लिए घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देना चाहिए। मच्छरों को पनपने से रोकना डेंगू से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
उन्होंने बताया कि डेंगू के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द और जोड़ों में दर्द शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
स्वास्थ्य विभाग शुरू करेगा अभियान
डेंगू के मामले सामने आने के बावजूद संक्रामक रोग नियंत्रण विभाग का अभियान अभी तक प्रभावी रूप से शुरू नहीं हो पाया है। इससे लोगों में बीमारी को लेकर चिंता बढ़ रही है।
एसीएमओ जयराम सिंह ने बताया कि मच्छरों की रोकथाम के लिए जल्द अभियान शुरू किया जाएगा। अभियान के तहत मच्छरों के प्रजनन वाले स्थानों की पहचान कर रोकथाम के उपाय किए जाएंगे।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि घरों के आसपास पानी जमा न होने दें और डेंगू से बचाव के लिए आवश्यक सावधानी बरतें।
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