कानपुर में करोड़पति दवा कारोबारी हत्याकांड: आरोपी बहू की जेल में पहली रात बेचैनी में बीती, 49 डिलीट मैसेज ने बढ़ाया रहस्य

kanpur-drug-businessman-murder-case-accused-daughter-in-law-jail-night-49-deleted-messages

Sep 10, 2026 - 02:14
 0  102
कानपुर में करोड़पति दवा कारोबारी हत्याकांड: आरोपी बहू की जेल में पहली रात बेचैनी में बीती, 49 डिलीट मैसेज ने बढ़ाया रहस्य

कानपुर में करोड़पति दवा कारोबारी हत्याकांड: आरोपी बहू की जेल में पहली रात बेचैनी में बीती, 49 डिलीट मैसेज ने बढ़ाया रहस्य

कानपुर। करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में आरोपी बहू शालू की जेल में पहली रात बेहद बेचैनी में बीती। सोमवार शाम जेल पहुंचने के बाद उसे सामान्य बंदियों की तरह बैरक में रखा गया। शुरुआती करीब दो घंटे तक वह गुमसुम रही और किसी से बातचीत नहीं की। महिला बंदियों ने जब उससे जेल आने की वजह पूछी तो वह रोने लगी। उसने रात का खाना खाने से भी इनकार कर दिया।

मंगलवार सुबह करीब 6:30 बजे उसे अन्य बंदियों के साथ जगाया गया। सुबह नाश्ते में उसने दलिया और गुड़ खाया। दोपहर में दाल, चावल और रोटी-सब्जी दी गई। महिला बंदियों ने उसे समझाने की कोशिश की और बच्चों के बारे में पूछा। इस पर वह अपने पांच साल के बेटे को याद कर रोने लगी। काफी देर तक वह कुछ नहीं बोली और बाद में सिसकते हुए सो गई। शाम को चाय-बिस्किट लेने के बाद उसने रात में दाल-सब्जी और रोटी खाई।

बिना पूछे बहू ने कहा- पता नहीं विशाल ने क्यों मार डाला?

इंदिरा नगर स्थित रतन ऑर्बिट में 63 वर्षीय दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की 5 सितंबर की रात करीब 11:28 बजे हत्या कर दी गई थी। हत्या के दिन से ही पुलिस को घटना में किसी करीबी के शामिल होने की आशंका थी।

हत्या के बाद पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल तीन महिला अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और शालू से पूछताछ शुरू की। पूछताछ के दौरान शालू रोने लगी और बेहोश होने का नाटक करने का आरोप भी सामने आया।

शालू ने पुलिस से कहा कि पापा बहुत अच्छे थे और उसकी हर छोटी-बड़ी जरूरत का ध्यान रखते थे। इसी दौरान पुलिस कमिश्नर ने उससे पूछा कि क्या वह शिवम को जानती है। शालू ने बताया कि हां, शिवम का नाम विशाल भी है। उसने यह भी बताया कि विशाल मामूली कामों के लिए घर आता-जाता था।

इसके बाद शालू ने बिना पूछे कहा कि उसे पता नहीं विशाल ने पापा को क्यों मार डाला। पुलिस के लिए यह बात अहम हो गई, क्योंकि उस समय तक पूछताछ में पुलिस ने उसके सामने विशाल को आरोपी के तौर पर स्पष्ट नहीं किया था।

हत्या से पहले बहू ने 14 और बेटे ने 25 बार नौकर को कॉल की

पूछताछ के दौरान शालू के हाव-भाव में बदलाव देखकर पुलिस का शक और गहरा गया। इसके बाद पुलिस ने शालू, उसके पति सुब्रत और विशाल समेत शक के घेरे में आए अन्य लोगों के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली।

जांच के दौरान सामने आया कि हत्या वाले दिन दोपहर 12 बजे से रात 9 बजे के बीच शालू ने विशाल से 14 बार फोन पर बातचीत की। वहीं उसके पति सुब्रत ने विशाल से 25 बार वॉट्सऐप कॉल की थी।

विनीत मिनोचा के पोस्टमॉर्टम और अंतिम संस्कार के बाद पुलिस ने नौकर विशाल और उसके साथी राजकिशोर को हिरासत में लिया। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने पूछताछ में हत्या में शामिल होने और शालू के कहने पर वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की।

शालू और विशाल का आमना-सामना कराया गया

सोमवार सुबह करीब 7 बजे पुलिस ने शालू को हिरासत में लिया। उसके साथ उसकी बहन भी कल्याणपुर थाने पहुंची और शालू के साथ रहने की अनुमति मांगी, लेकिन पुलिस ने अनुमति नहीं दी।

बंद कमरे में पूछताछ के दौरान शालू ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि उसने कुछ नहीं किया और उसे जबरन फंसाया जा रहा है।

पुलिस ने जब कॉल डिटेल उसके सामने रखी तो उसने बताया कि विशाल अच्छा इलेक्ट्रीशियन है और घरेलू कामकाज में भी मदद करता था। इसी वजह से वह उसे फोन कर बुला लेती थी।

हत्या वाले दिन विशाल को बुलाने की वजह पूछने पर शालू ने कथित तौर पर बताया कि उसे कपल किटी पार्टी में जाना था और उसने विशाल से गजरा मंगवाया था। गजरा लेने के बाद वह पति और बेटे के साथ पार्टी के लिए निकल गई थी। उसका कहना था कि उसे नहीं मालूम कि विशाल ने उसके ससुर विनीत मिनोचा की हत्या क्यों की।

इसके बाद पुलिस ने शालू और विशाल का आमना-सामना कराया। पुलिस के अनुसार, इस दौरान विशाल ने अधिकारियों के सामने कहा कि उसने शालू के कहने पर हत्या की थी।

पुलिस के मुताबिक, विशाल ने यह भी बताया कि शालू ने उससे कहा था कि अगर पुलिस पकड़े तो कहना कि हत्या सुब्रत के कहने पर की गई थी। इसके बाद शालू खामोश हो गई।

सोमवार देर शाम पुलिस ने शालू को जेल भेज दिया। जेल सुपरिंटेंडेंट राजेश कुमार पांडेय के मुताबिक, शालू को सामान्य बंदियों की तरह मुलाहिजा बैरक में रखा गया। जेल आने के बाद वह कुछ घंटों तक बेचैन रही, लेकिन बाद में सामान्य हो गई।

कारोबारी के बेटे को क्लीन चिट नहीं, पुलिस का शक गहराया

दवा कारोबारी की हत्या की जांच में पुलिस के सामने अभी कई सवाल हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोरी के आरोप में करीब चार साल पहले नौकरी से निकाले जाने के बावजूद विशाल का सुब्रत और शालू से लगातार संपर्क क्यों था।

जांच में सामने आया है कि 29 अगस्त से हत्या वाली रात तक सुब्रत और विशाल के बीच 25 बार वॉट्सऐप कॉल हुईं। वहीं विशाल और शालू के बीच भी 14 बार बातचीत हुई। पुलिस के मुताबिक, हत्या के दौरान भी शालू और विशाल के बीच तीन बार वॉट्सऐप कॉल हुई।

जांच में यह भी सामने आया कि हत्या से कुछ दिन पहले विशाल, शालू और सुब्रत एक साथ खरीदारी करने गए थे।

पुलिस इस सवाल की भी जांच कर रही है कि पिता की हत्या में पत्नी शालू के कथित रूप से शामिल होने की जानकारी होने के बावजूद सुब्रत ने पुलिस को तत्काल कुछ क्यों नहीं बताया। पहली बार सीसीटीवी फुटेज में विशाल को दिखाए जाने पर सुब्रत द्वारा उसे पहचानने से इनकार करने की बात भी जांच का हिस्सा है।

49 डिलीट मैसेज से खुल सकता है हत्या का राज

पुलिस को शालू और विशाल के मोबाइल फोन से बड़ी संख्या में डिलीट किए गए मैसेज मिले हैं। जांच के मुताबिक, एक मई से हत्या वाले दिन तक 49 मैसेज डिलीट किए गए थे।

पुलिस अब इन मैसेज को रिकवर कराने की कोशिश कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाना चाहती हैं कि इन मैसेज में क्या बातचीत हुई थी और उन्हें किस वजह से डिलीट किया गया।

पुलिस के मुताबिक, एक मई से हत्या वाले दिन तक शालू और विशाल के बीच कुल 309 बार कॉल का आदान-प्रदान हुआ।

कॉस्मोजिन लाउंज में पुलिस को नहीं मिले सीसीटीवी फुटेज

शालू ने पुलिस को बताया था कि हत्या वाली रात वह पति सुब्रत और पांच साल के बेटे के साथ तिलक नगर स्थित कॉस्मोजिन लाउंज में आयोजित कपल किटी पार्टी में गई थी।

मंगलवार को कल्याणपुर पुलिस इस दावे की जांच के लिए कॉस्मोजिन लाउंज पहुंची। पुलिस को वहां सीसीटीवी का डीवीआर नहीं मिला।

लाउंज मैनेजर ने पुलिस को बताया कि पार्टी की लाइव रिकॉर्डिंग की जाती है। पुलिस ने कपल किटी पार्टी में शामिल मेहमानों की सूची भी हासिल की है। अधिकारियों के मुताबिक, सूची में 30 से अधिक लोगों के नाम हैं।

अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पार्टी का आयोजक कौन था, क्या घटना वाली रात शालू और सुब्रत वास्तव में पार्टी में शामिल हुए थे और पार्टी के दौरान उनकी मौजूदगी की पुष्टि किन लोगों से हो सकती है। इसके लिए पार्टी में शामिल मेहमानों को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।

पुलिस जांच जारी है और हत्याकांड से जुड़े कई सवालों के जवाब सामने आना अभी बाकी है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0