कानपुर में सामाजिक संगठनों ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा छह सूत्रीय ज्ञापन, जातीय जनगणना व आरक्षण समेत उठाईं प्रमुख मांगें
कानपुर में समस्त सामाजिक संगठनों एवं संविधानवादी साथियों के संयुक्त मंच ने देश के शोषित, पीड़ित, पिछड़े, अति पिछड़े, दलित और आदिवासी समाज के अधिकारों को लेकर राष्ट्रपति के नाम छह सूत्रीय मांग पत्र जिलाधिकारी कानपुर नगर के माध्यम से प्रेषित किया। ज्ञापन में UGC नियमावली 2026, मंडल कमीशन की लंबित सिफारिशों, निजी क्षेत्र में आरक्षण, OBC के पृथक कॉलम के साथ जातीय जनगणना, EWS आरक्षण समाप्त करने तथा दलितों-वंचितों पर अत्याचार के मामलों में कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।
कानपुर। समस्त सामाजिक संगठनों एवं संविधानवादी साथियों के संयुक्त मंच द्वारा देश के शोषित, पीड़ित, पिछड़े, अति पिछड़े, दलित और आदिवासी समाज के सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक स्तर को ऊंचा उठाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। इस संबंध में महामहिम राष्ट्रपति महोदया को संबोधित छह सूत्रीय मांग पत्र (ज्ञापन) जिलाधिकारी कानपुर नगर के माध्यम से प्रेषित किया गया।
ज्ञापन के माध्यम से सामाजिक मंच के संयोजक गोविंद नारायण ने बताया कि देश हित में हाशिये पर जिंदगी जी रहे बहुजन समाज को सामाजिक सुरक्षा और अधिकार दिलाने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार को अविलंब जरूरी कदम उठाने के लिए आदेशित करने की मांग की गई है।
सामाजिक संगठनों के संयुक्त मंच ने निम्नलिखित प्रमुख मांगें उठाईं—
1. UGC नियमावली 2026 को केंद्रीय शिक्षण संस्थानों में भी लागू किया जाए तथा रोहित वेमुला कानून तैयार कर उसे लागू किया जाए।
2. मंडल कमीशन की बची हुई सभी 38 सिफारिशों को तत्काल प्रभाव से देश में लागू किया जाए।
3. निजी क्षेत्र (प्राइवेट सेक्टर) में भी वंचित समाज के लिए आरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
4. जातीय जनगणना में OBC के लिए पृथक कॉलम विशेष रूप से जोड़ा जाए और देश में शीघ्र जातीय जनगणना कराई जाए।
5. EWS आरक्षण को संविधान विरोधी बताते हुए इसे तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की गई।
6. दलितों और वंचितों के साथ होने वाले भेदभाव एवं अत्याचार के मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
पदाधिकारियों ने दी जमीनी संघर्ष की चेतावनी
इस अवसर पर सामाजिक संगठनों के सहसंयोजक औसान यादव ने हुंकार भरते हुए कहा कि जब तक बहुजन समाज की ये जायज मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक इस अधिकार अभियान को थमने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभियान अनवरत जारी रखा जाएगा।
वहीं ऑल इंडिया बैकवर्ड क्लासेस फेडरेशन के पदाधिकारी विवेक पाल ने जातीय जनगणना की मांग पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यदि आगामी जातीय जनगणना में OBC का पृथक कॉलम नहीं जोड़ा गया तो समाज चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ जल्द ही व्यापक जमीनी संघर्ष तेज किया जाएगा।
बड़ी संख्या में पदाधिकारी रहे मौजूद
ज्ञापन देने की कार्यवाही में साथी औसान यादव, गोविंद नारायण, विवेक पाल, देवी प्रसाद निषाद, श्रीकांत पाल, हर नारायण, धनीराव बौद्ध, डॉक्टर एसके चौधरी, गौरी शंकर वर्मा, राजेश आजाद, प्रदीप यादव, चमन खन्ना, राजेश कोरी, भारत राज योगी, अनिल कुमार प्रजापति, विनय प्रकाश, दुर्गा प्रसाद, एडवोकेट सोनेलाल गौतम, एडवोकेट आनंद गौतम, एडवोकेट विनय कटियार, एडवोकेट जाफर आबिद, एडवोकेट हिमांशु, एडवोकेट बुध सिंह, एडवोकेट पंकज, एडवोकेट प्रभजोत सिंह, उमाकांत विश्वकर्मा, विनोद, रमेश वर्मा, शिवकुमार सोनवानी, हरिशंकर वर्मा, राहुल वर्मा, रामपाल नामवंशी, रामशंकर, रुकसाना, अशोक यादव एवं त्रिलोकी नाथ प्रमुख रूप से शामिल रहे।
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