कानपुर में दत्तोपंत ठेंगड़ी की पुण्यतिथि पर भारतीय मजदूर संघ ने अर्पित की श्रद्धांजलि

कानपुर के 2 नवीन मार्केट स्थित भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश कार्यालय में संघ के संस्थापक दत्तोपंत ठेंगड़ी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर श्रद्धा-सुमन अर्पित कर उनके श्रमिक हित, राष्ट्रहित, संगठन निर्माण और गैर-दलीय ट्रेड यूनियन आंदोलन से जुड़े विचारों को याद किया। वक्ताओं ने कार्यकर्ताओं से ठेंगड़ी जी के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। कार्यक्रम में प्रदेश मंत्री अनिल उपाध्याय, संगठन मंत्री रामनिवास, संभाग प्रमुख श्रीकांत अवस्थी, कोषाध्यक्ष प्रदीप राय, जिला अध्यक्ष के.डी. द्विवेदी सहित कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कानपुर में दत्तोपंत ठेंगड़ी की पुण्यतिथि पर भारतीय मजदूर संघ ने अर्पित की श्रद्धांजलि
कानपुर में दत्तोपंत ठेंगड़ी की पुण्यतिथि पर भारतीय मजदूर संघ ने अर्पित की श्रद्धांजलि
कानपुर में दत्तोपंत ठेंगड़ी की पुण्यतिथि पर भारतीय मजदूर संघ ने अर्पित की श्रद्धांजलि

कानपुर में दत्तोपंत ठेंगड़ी की पुण्यतिथि पर भारतीय मजदूर संघ ने अर्पित की श्रद्धांजलि

कानपुर। भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश कार्यालय, 2 नवीन मार्केट, कानपुर में भारतीय मजदूर संघ के संस्थापक दत्तोपंत ठेंगड़ी जी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर श्रद्धा-सुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया और श्रमिक आंदोलन में उनके योगदान को याद किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने दत्तोपंत ठेंगड़ी जी के जीवन, उनके संगठनात्मक कार्यों और श्रमिक हितों से जुड़े विचारों पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि ठेंगड़ी जी ने श्रमिक संगठन को केवल मजदूरी और औद्योगिक विवादों तक सीमित न रखते हुए राष्ट्रहित, उद्योगहित और श्रमिक हित के व्यापक दृष्टिकोण से जोड़ने का प्रयास किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से उनके बताए मार्ग पर चलने और श्रमिकों के हित में निरंतर कार्य करने का आह्वान किया।

🔴 1955 में हुई थी भारतीय मजदूर संघ की स्थापना

भारतीय मजदूर संघ के आधिकारिक विवरण के अनुसार BMS की स्थापना 23 जुलाई 1955 को दत्तोपंत ठेंगड़ी के नेतृत्व में भोपाल में हुई थी। संगठन ने अपने प्रारंभ से ही स्वयं को दलगत राजनीति से अलग रखते हुए श्रमिक हितों के लिए ट्रेड यूनियन के रूप में कार्य करने की बात कही। BMS के आधिकारिक साहित्य में संगठन के मूल दृष्टिकोण को राष्ट्रहित, उद्योगहित और श्रमिक हित से जोड़ा गया है।

भारतीय मजदूर संघ की कार्यपद्धति की एक प्रमुख विशेषता यह रही कि संगठन ने स्वयं को किसी राजनीतिक दल से संबद्ध ट्रेड यूनियन के बजाय गैर-दलीय श्रमिक संगठन के रूप में प्रस्तुत किया। BMS के अनुसार उसका प्रमुख उद्देश्य श्रमिकों के हितों के साथ राष्ट्रीय हितों के बीच संतुलन स्थापित करना है। संगठन का घोषित सूत्र है—“राष्ट्रहित, उद्योगहित, श्रमिकहित।”

🌹 दत्तोपंत ठेंगड़ी का योगदान

दत्तोपंत ठेंगड़ी का जन्म 10 नवंबर 1920 को महाराष्ट्र के वर्धा जिले के आर्वी में हुआ था। वे संगठनकर्ता, विचारक और लेखक के रूप में भी जाने जाते हैं। भारतीय मजदूर संघ के अलावा भारतीय किसान संघ और स्वदेशी जागरण मंच जैसे संगठनों के निर्माण में भी उनका योगदान बताया जाता है। उनका निधन 14 अक्टूबर 2004 को पुणे में हुआ था।

ठेंगड़ी जी ने श्रमिक आंदोलन में संगठन निर्माण के साथ-साथ वैचारिक पक्ष को भी महत्वपूर्ण माना। BMS के इतिहास संबंधी विवरण के अनुसार उन्होंने श्रम क्षेत्र में लंबे समय तक काम किया और विभिन्न ट्रेड यूनियनों के कार्यों का अध्ययन करने के बाद भारतीय मजदूर संघ के गठन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

🔴 70 वर्ष पूरे कर चुका है BMS

भारतीय मजदूर संघ ने 23 जुलाई 2025 को अपनी स्थापना के 70 वर्ष पूरे किए। संगठन की ओर से 70वें स्थापना वर्ष के दौरान देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। BMS के आधिकारिक विवरण में इस अवधि को संगठन की सात दशक की यात्रा, उपलब्धियों और भविष्य की दिशा पर विचार करने का अवसर बताया गया है।

🛑 कार्यक्रम में ये पदाधिकारी रहे मौजूद

कार्यक्रम में भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश मंत्री अनिल उपाध्याय, संगठन मंत्री रामनिवास, संभाग प्रमुख श्रीकांत अवस्थी, कोषाध्यक्ष प्रदीप राय, जिला अध्यक्ष के.डी. द्विवेदी के अलावा संजय प्रताप सिंह, राजेन्द्र कुमार सोनकर, पुनीत चन्द्र गुप्ता, इन्द्रजीत, आशीष सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

📌 कार्यक्रम के अंत में उपस्थित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने दत्तोपंत ठेंगड़ी जी के विचारों और श्रमिक हितों के लिए उनके योगदान को स्मरण करते हुए उनके बताए मार्ग पर आगे बढ़ने का संकल्प लिया।