CSJMU में AI बनाएगा प्रश्नपत्र, उत्तर पुस्तिकाओं का भी करेगा मूल्यांकन; 14 नवंबर से पायलट प्रोजेक्ट
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU), कानपुर में परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल किया जाएगा। 14 नवंबर से शुरू होने वाली विषम सेमेस्टर परीक्षाओं में पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रश्नपत्र तैयार करने, उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन और चयनित परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्रों के मुद्रण में एआई के उपयोग का निर्णय लिया गया है।
CSJMU में AI बनाएगा प्रश्नपत्र, उत्तर पुस्तिकाओं का भी करेगा मूल्यांकन; 14
नवंबर से पायलट प्रोजेक्ट
बिंदास बोल न्यूज़ विशेष संवाददाता
कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू), कानपुर परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ी पहल करने जा रहा है। विश्वविद्यालय से संबद्ध विधि महाविद्यालयों की 14 नवंबर से शुरू होने वाली विषम सेमेस्टर परीक्षाओं में पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में किया जाएगा। इसके तहत प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन तक में एआई की मदद ली जाएगी।
विश्वविद्यालय के एकेडमिक सेंटर में शनिवार को कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की अध्यक्षता में आयोजित परीक्षा समिति की 29वीं बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में परीक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ ही विद्यार्थियों से जुड़ी कई समस्याओं पर भी चर्चा की गई।
प्रश्नपत्र तैयार करने और मूल्यांकन में होगा AI का इस्तेमाल
परीक्षा समिति ने तय किया कि चयनित परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्रों के मुद्रण की व्यवस्था भी पायलट प्रोजेक्ट के तहत की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाना और व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना है।
शुरुआत में विश्वविद्यालय से संबद्ध विधि महाविद्यालयों की परीक्षाओं में इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट के परिणामों के आधार पर आगे की व्यवस्था को लेकर निर्णय लिया जा सकेगा।
डीसी लॉ के प्रथम सेमेस्टर का परीक्षा केंद्र बदलेगा
दयानंद कॉलेज ऑफ लॉ (डीसी लॉ) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश से संबंधित अनियमितताओं की जांच चल रही है। जांच समिति ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कॉलेज के प्रथम सेमेस्टर के परीक्षा फॉर्म भरवाने की प्रक्रिया रोकने का आदेश दिया है।
इसके साथ ही परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए डीसी लॉ के विद्यार्थियों का परीक्षा केंद्र किसी दूसरे महाविद्यालय में निर्धारित करने का फैसला लिया गया है।
पात्र विद्यार्थियों को अगले सेमेस्टर में मिलेगा मौका
बैठक में एलएलबी पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों की समस्याओं पर भी विचार किया गया। परीक्षा परिणाम में बैक पेपर (बीआरडी) दर्ज होने के कारण जिन विद्यार्थियों को अगले सेमेस्टर की परीक्षा में प्रोन्नति नहीं मिल पा रही थी, उनके प्रत्यावेदनों पर चर्चा हुई।
समिति ने निर्णय लिया कि पाठ्यक्रम की निर्धारित अधिकतम समय-सीमा के अंतर्गत आने वाले पात्र विद्यार्थियों को अगले सेमेस्टर में प्रोन्नत किया जाएगा।
आंतरिक अंक अपलोड नहीं करने पर होगी कार्रवाई
बीएससी-कृषि एवं बीएड पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों के आंतरिक अंक निर्धारित समय-सीमा में पोर्टल पर अपलोड नहीं किए जाने के मामलों पर भी परीक्षा समिति ने सख्त रुख अपनाया।
विद्यार्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए समिति ने निर्णय लिया कि संबंधित लिखित परीक्षा के आधार पर अंक प्रदान कर उनके परीक्षा परिणाम को पूर्ण किया जाएगा। हालांकि, निर्धारित समय पर अंक उपलब्ध नहीं कराने वाले संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
परीक्षा समिति की बैठक में विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति प्रो. सुधा पंड्या, सीडीसी निदेशक प्रो. राजेश कुमार द्विवेदी, रजिस्ट्रार राकेश कुमार मिश्रा, परीक्षा नियंत्रक राकेश कुमार, बीएनडी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. विवेक कुमार द्विवेदी, कूटा अध्यक्ष प्रो. बीडी पांडेय, महामंत्री प्रो. पीएन त्रिवेदी, प्रो. अंशु यादव और प्रो. अनिल कुमार मिश्रा सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।

