आईएमए कानपुर की नई टीम की प्राथमिकताएं तय, झोलाछाप डॉक्टरों पर अभियान और विशेषज्ञ ओपीडी पर जोर

कानपुर में आईएमए की नई टीम ने पदभार संभालने के बाद आम जनता को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने को प्राथमिकता बताया। अध्यक्ष डॉ. अमित सिंह गौर और सचिव डॉ. दीपक श्रीवास्तव ने झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ अभियान, मरीजों की सुरक्षा, चिकित्सकों की समस्याओं के समाधान और विशेषज्ञ ओपीडी को मजबूत करने की योजना साझा की। आईएमए चैरिटेबल स्पेशियलिटी ओपीडी सोमवार से शनिवार शाम 4 से 6 बजे तक संचालित करने की जानकारी दी गई।

आईएमए कानपुर की नई टीम की प्राथमिकताएं तय, झोलाछाप डॉक्टरों पर अभियान और विशेषज्ञ ओपीडी पर जोर
आईएमए कानपुर के नवनिर्वाचित अध्यक्ष डॉ. अमित सिंह गौर और सचिव डॉ. दीपक श्रीवास्तव स्वास्थ्य सेवाओं एवं संगठन की आगामी योजनाओं पर मीडिया से संवाद करते हुए।

आईएमए कानपुर की नई टीम की प्राथमिकताएं तय, झोलाछाप डॉक्टरों पर अभियान और विशेषज्ञ ओपीडी पर जोर

कानपुर। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए), कानपुर शाखा की नई कार्यकारिणी ने पदभार संभालने के बाद आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही है। नवनिर्वाचित अध्यक्ष डॉ. अमित सिंह गौर और सचिव डॉ. दीपक श्रीवास्तव ने स्थानीय मीडिया से संवाद के दौरान संगठन की प्राथमिकताओं और आगामी योजनाओं की जानकारी साझा की।

आईएमए के 2026-27 के चुनाव में डॉ. अमित सिंह गौर को अध्यक्ष और डॉ. दीपक श्रीवास्तव को सचिव चुना गया। उपलब्ध चुनावी रिपोर्टों के अनुसार दोनों प्रमुख पदों पर निर्विरोध चयन हुआ।

🔴 मरीजों की सुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर

‘स्वास्थ्य संवाद’ के दौरान आईएमए पदाधिकारियों ने कहा कि आम जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना और जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना संगठन की प्रमुख प्राथमिकताओं में रहेगा। इसके साथ ही मरीजों की सुरक्षा, चिकित्सा सेवाओं में पारदर्शिता तथा चिकित्सकों और अस्पतालों से जुड़ी समस्याओं के समाधान पर भी ध्यान दिया जाएगा।

🛑 झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ अभियान की तैयारी

नई टीम ने अवैध रूप से चिकित्सा कार्य करने वाले झोलाछाप और फर्जी चिकित्सकों के खिलाफ अभियान चलाने पर विशेष जोर दिया है। आईएमए का कहना है कि ऐसे लोगों के कारण मरीजों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है और उन्हें गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा से वंचित होना पड़ सकता है।

हाल की रिपोर्टों में भी नई कार्यकारिणी द्वारा फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई तथा मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता दिए जाने की बात सामने आई है। साथ ही चिकित्सकों और अस्पतालों से जुड़ी आपात स्थितियों के लिए रैपिड रिस्पॉन्स टीम बनाने की योजना की जानकारी दी गई है।

🔴 सोमवार से शनिवार तक विशेषज्ञ ओपीडी

आईएमए पदाधिकारियों के अनुसार आईएमए चैरिटेबल स्पेशियलिटी ओपीडी के माध्यम से आम लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध कराने की योजना है। यह ओपीडी सोमवार से शनिवार तक शाम 4 बजे से 6 बजे तक संचालित किए जाने की जानकारी दी गई है।

इस पहल का उद्देश्य विभिन्न रोगों से पीड़ित मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श उपलब्ध कराना और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ बनाना है। आईएमए कानपुर इससे पहले भी स्वास्थ्य शिविरों और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के माध्यम से लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाता रहा है। 2024 के एक आईएमए स्वास्थ्य शिविर में भी विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों को नि:शुल्क सेवाएं दी थीं।

🛑 चिकित्सकों और अस्पतालों की समस्याओं के समाधान पर भी फोकस

नई कार्यकारिणी ने आईएमए सदस्यों के हितों की रक्षा और चिकित्सकों से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान को भी अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार नई टीम अस्पतालों और चिकित्सकों से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित करने तथा आपात परिस्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने पर काम करेगी।

🔴 सचिव रहते डॉ. अमित सिंह गौर ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

डॉ. अमित सिंह गौर इससे पहले आईएमए कानपुर में विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। आईएमए कानपुर के आधिकारिक रिकॉर्ड में उन्हें 2022-23 में मानद सचिव के रूप में दर्ज किया गया है। इसी अवधि में डॉ. दीपक श्रीवास्तव संयुक्त सचिव के पद पर रहे थे।

आईएमए के आधिकारिक इतिहास में संगठन की कानपुर शाखा की स्थापना 28 मई 1912 को ‘Cawnpore Medical Association’ के रूप में होने का उल्लेख है। बाद में इसका नाम आईएमए कानपुर शाखा रखा गया।

अब अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद डॉ. अमित सिंह गौर और सचिव डॉ. दीपक श्रीवास्तव के सामने संगठन की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने की चुनौती होगी। विशेष रूप से विशेषज्ञ ओपीडी, मरीजों की सुरक्षा, झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई और चिकित्सकों की समस्याओं के त्वरित समाधान से आम जनता तथा चिकित्सा क्षेत्र दोनों को लाभ पहुंचने की उम्मीद है।