जाजमऊ में महिला के गंभीर आरोप: शादी का झांसा देकर यौन शोषण, मुकदमे के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का दावा; बच्ची पर हमले और कार से पीछा कर टक्कर मारने का आरोप

कानपुर के जाजमऊ थाना क्षेत्र की एक महिला ने गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। महिला के अनुसार, एक व्यक्ति ने शादी का आश्वासन देकर उसके साथ लगातार यौन संबंध बनाए और बाद में शादी से इनकार कर दिया। महिला का दावा है कि इस संबंध से 16 सितंबर 2025 को एक बच्ची का जन्म हुआ। आरोप है कि शिकायत के बाद थाना जाजमऊ में 11 सितंबर 2026 को मु0अ0सं0 0204/2026 दर्ज किया गया, जिसमें BNS की धारा 69, 115(2), 352, 351(3) और 191(2) लगाई गईं। पीड़िता का आरोप है कि मामले में अब तक प्रभावी गिरफ्तारी नहीं हुई। उसने पुलिसकर्मियों द्वारा आरोपियों के प्रति कथित नरमी, अपनी सात वर्षीय बेटी के साथ मारपीट और 23 अक्टूबर को स्कूटी से घर लौटते समय कार द्वारा पीछा कर टक्कर मारने का भी आरोप लगाया है। पीड़िता ने पूरे मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच और अपनी तथा बच्चों की सुरक्षा की मांग की है। नोट: समाचार में लगाए गए आरोप पीड़िता के कथन पर आधारित हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि समाचार प्रकाशन के समय उपलब्ध नहीं हो सकी है। संबंधित पुलिस/विवेचक/आरोपित पक्ष का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

जाजमऊ में महिला के गंभीर आरोप: शादी का झांसा देकर यौन शोषण, मुकदमे के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का दावा; बच्ची पर हमले और कार से पीछा कर टक्कर मारने का आरोप

जाजमऊ में महिला के गंभीर आरोप: शादी का आश्वासन देकर यौन शोषण, पुलिस कार्रवाई पर सवाल

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कानपुर। थाना जाजमऊ क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने अपने साथ कथित यौन शोषण, शादी का आश्वासन देकर संबंध बनाए जाने, बाद में शादी से इनकार करने तथा पुलिस पर प्रभावी कार्रवाई न करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला ने पूरे मामले में निष्पक्ष जांच, आरोपितों के विरुद्ध कार्रवाई और स्वयं तथा अपने बच्चों की सुरक्षा की मांग की है।

पीड़िता के अनुसार, हम्माद अर्सलान नामक व्यक्ति ने उसके साथ कथित रूप से बलात्कार किया। महिला का कहना है कि घटना के बाद जब उसने पुलिस में शिकायत कर मुकदमा दर्ज कराने की बात कही तो संबंधित व्यक्ति के परिजनों ने शादी कराने का आश्वासन दिया। बदनामी के डर से वह उस समय शांत हो गई। महिला का आरोप है कि इसके बाद भी उसके साथ लगातार यौन संबंध बनाए जाते रहे।

महिला के अनुसार, इस संबंध से 16 सितंबर 2025 को एक बच्ची का जन्म हुआ। इसके बाद उसने संबंधित व्यक्ति और उसके परिजनों से शादी करने की मांग की, लेकिन कथित तौर पर शादी से इनकार कर दिया गया। महिला का दावा है कि बाद में उसे जानकारी हुई कि संबंधित व्यक्ति पहले से विवाहित है।

11 सितंबर को मुकदमा दर्ज कराने का दावा

पीड़िता के अनुसार, उसने थाना जाजमऊ में 11 सितंबर 2026 को मु0अ0सं0 0204/2026 दर्ज कराया। उसके बताए विवरण के अनुसार मुकदमे में BNS की धारा 69/115(2)/352/351(3)/191(2) लगाई गई हैं।

BNS की धारा 69 छलपूर्ण साधनों अथवा विवाह का झूठा वादा करके, विवाह की मंशा न होने के बावजूद यौन संबंध बनाने से संबंधित है। इस धारा में अधिकतम 10 वर्ष तक के कारावास और जुर्माने का प्रावधान है।

वहीं धारा 115(2) स्वेच्छा से चोट पहुंचाने, धारा 351(3) गंभीर आपराधिक धमकी की परिस्थितियों और धारा 352 शांति भंग कराने के आशय से जानबूझकर अपमान से संबंधित है।

विवेचना में प्रभावी कार्रवाई नहीं होने का आरोप

महिला का कहना है कि मामले की विवेचना थाना जाजमऊ के विवेचक एच.आर. रिजवी द्वारा की जा रही है, लेकिन उसके अनुसार अब तक आरोपितों के विरुद्ध अपेक्षित गिरफ्तारी अथवा प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

पीड़िता का आरोप है कि कुछ आरोपित खुलेआम घूमते रहे और पुलिस को उनकी जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। उसने यह भी आरोप लगाया कि थाना परिसर में आरोपित पक्ष के लोगों के प्रति पुलिस का रवैया सामान्य से अधिक नरम दिखाई दिया।

महिला का यह भी आरोप है कि प्रारंभ में थाना प्रभारी द्वारा मुकदमा दर्ज करने से मना किया गया तथा बाद में तहरीर में बदलाव के बाद मुकदमा दर्ज किया गया।

इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि समाचार तैयार किए जाने तक नहीं हो सकी है। पुलिस का आधिकारिक पक्ष मिलने के बाद उसे भी समाचार में शामिल किया जाएगा।

21 अक्टूबर को थाने में आरोपी के होने की सूचना का दावा

पीड़िता के अनुसार, 21 अक्टूबर 2026 की सुबह लगभग 10 बजे विवेचक का उसके पास फोन आया और उसे बताया गया कि हम्माद अर्सलान थाने में मौजूद है। महिला का कहना है कि जब उसने पहले आरोपी के फरार होने की बात पूछी तो उसे कथित तौर पर बताया गया कि “स्टे हो गया है।”

सात वर्षीय बेटी के साथ मारपीट का आरोप

पीड़िता का आरोप है कि 22 अक्टूबर 2026 को उसकी सात वर्षीय बेटी के साथ मारपीट की गई। महिला ने इस घटना को भी अपने मूल मुकदमे तथा सुरक्षा संबंधी शिकायत से जोड़ते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

स्कूटी का पीछा कर कार से टक्कर मारने का आरोप

महिला के अनुसार, 23 अक्टूबर 2026 को वह विवेचक के बुलाने पर थाने गई थी। वहां से बाहर निकलने के बाद जब वह अपनी स्कूटी से जा रही थी तो काले रंग की एक कार ने उसका पीछा किया।

महिला का आरोप है कि कृष्णानगर पुल से पहले कार ने उसकी स्कूटी को टक्कर मारी और चालक मौके से भाग गया। महिला के अनुसार, उसने इस घटना की जानकारी विवेचक को दी, लेकिन कथित तौर पर उसे अपेक्षित सहायता नहीं मिली।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता

पीड़िता ने कहा है कि वह अपने चार बच्चों के साथ न्याय के लिए लगातार अधिकारियों के चक्कर लगा रही है। उसने पुलिस की कार्यवाही से निराश होकर अत्यंत गंभीर कदम उठाने की बात कही है।

ऐसी स्थिति में सबसे महत्वपूर्ण विषय पीड़िता और उसके बच्चों की तत्काल सुरक्षा है। किसी भी आत्मघाती कदम को समस्या का समाधान नहीं माना जा सकता। प्रशासन को चाहिए कि पीड़िता की सुरक्षा, बच्चों की सुरक्षा और शिकायत की निष्पक्ष जांच के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाए।

उच्चाधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग

पीड़िता ने मांग की है कि मामले की विवेचना थाना स्तर से हटाकर किसी वरिष्ठ अधिकारी/स्वतंत्र अधिकारी की निगरानी में कराई जाए, आरोपों की निष्पक्ष जांच हो, 23 अक्टूबर की कथित सड़क दुर्घटना/टक्कर के CCTV फुटेज सुरक्षित कराए जाएं, बच्ची के साथ मारपीट के आरोप की जांच की जाए और यदि किसी न्यायालय का कोई आदेश/स्टे है तो उसकी प्रमाणित प्रति के आधार पर उसकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए।

बिंदास बोल की अपील: यदि किसी महिला को पुलिस कार्रवाई से असंतोष है या उसे अपनी अथवा बच्चों की सुरक्षा का तत्काल खतरा महसूस हो रहा है, तो उसे तत्काल वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तथा आपातकालीन सहायता तंत्र से संपर्क करना चाहिए। मामले से संबंधित FIR, मेडिकल दस्तावेज, CCTV फुटेज, कॉल रिकॉर्ड और न्यायालय के आदेश जैसे मूल दस्तावेज जांच के लिए सुरक्षित रखना भी महत्वपूर्ण है।