कानपुर में Eco Habits को बढ़ावा दे रहा ह्यूमेन फाउंडेशन ट्रस्ट, प्लास्टिक कम करने से Zero Waste तक कई पहल
कानपुर। पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी को रोजमर्रा की आदतों से जोड़ने के उद्देश्य से ह्यूमेन फाउंडेशन ट्रस्ट की ओर से विभिन्न Eco Habits और जनजागरूकता गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। संस्था के अनुसार, पिछले करीब पांच वर्षों से “Carry Your Water Bottle” और “Carry Your Bag” जैसे अभियानों के माध्यम से प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने तथा लोगों को पुन: उपयोग योग्य वस्तुओं को अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। संस्था साड़ी बैंक, झोला बैंक और खिलौना बैंक के जरिए उपयोगी सामग्री जरूरतमंदों तक पहुंचाने की पहल भी कर रही है। ट्रस्ट की गतिविधियों में वर्ष में दो बार रक्तदान शिविर, Zero Waste भंडारा तथा धार्मिक-सामाजिक आयोजनों में प्लास्टिक के विकल्पों को बढ़ावा देने जैसी पहल शामिल हैं। संस्था के अनुसार, वर्ष 2026 में Free Eco & Friendly Gift Shop शुरू करने के साथ प्राचीन एवं जीर्ण-शीर्ण मंदिरों के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण का संकल्प भी लिया गया है। ह्यूमेन फाउंडेशन ट्रस्ट का Chhatrapati Shahu Ji Maharaj University (CSJMU), Kanpur के साथ MOU भी विश्वविद्यालय के आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज है।
छोटे बदलावों से बड़े बदलाव की पहल, कानपुर में Eco Habits को बढ़ावा दे रहा ह्यूमेन फाउंडेशन ट्रस्ट
कानपुर। पर्यावरण संरक्षण को केवल बड़े अभियानों तक सीमित न रखते हुए रोजमर्रा की आदतों में शामिल करने की दिशा में ह्यूमेन फाउंडेशन ट्रस्ट की ओर से विभिन्न पहल किए जाने की जानकारी साझा की गई है। संस्था का जोर लोगों को Eco Habits अपनाने के लिए प्रेरित करने पर है, ताकि पर्यावरण संरक्षण सामाजिक जीवन का नियमित हिस्सा बन सके।
संस्था के अनुसार, पिछले करीब पांच वर्षों से “Carry Your Water Bottle” और “Carry Your Bag” अभियान चलाया जा रहा है। इन अभियानों के जरिए लोगों को प्लास्टिक की बोतलों और पॉलीथिन बैग के बजाय बार-बार इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं को अपनाने के लिए जागरूक किया जाता है।
ट्रस्ट की गतिविधियों में पर्यावरण संरक्षण के साथ सामाजिक जरूरतों को जोड़ने की कोशिश भी दिखाई देती है। संस्था के अनुसार, जरूरतमंद लोगों तक उपयोगी सामग्री नि:शुल्क पहुंचाने के उद्देश्य से साड़ी बैंक, झोला बैंक और खिलौना बैंक संचालित किए जा रहे हैं। इन पहलों के जरिए इस्तेमाल योग्य वस्तुओं को दोबारा जरूरतमंदों तक पहुंचाने पर जोर दिया जाता है।
Zero Waste आयोजनों पर जोर
ह्यूमेन फाउंडेशन ट्रस्ट की ओर से धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने के लिए Zero Waste भंडारा जैसी पहल भी संचालित किए जाने की जानकारी दी गई है। संस्था के अनुसार, भंडारे के अलावा शरबत और चाय वितरण जैसे आयोजनों में भी पर्यावरण-अनुकूल व्यवस्था अपनाने पर जोर दिया जा रहा है।
इस पहल का उद्देश्य आयोजनों के दौरान पैदा होने वाले अनावश्यक कचरे को कम करना और लोगों को यह समझाना है कि सामूहिक कार्यक्रमों में भी पर्यावरण संरक्षण को व्यवहार में उतारा जा सकता है।
सामाजिक सरोकारों से भी जुड़ी गतिविधियां
पर्यावरणीय गतिविधियों के साथ संस्था की ओर से रक्तदान शिविर भी आयोजित किए जाते हैं। ट्रस्ट के अनुसार, वर्ष में दो बार रक्तदान शिविर आयोजित करने की पहल की जाती है। इस तरह संस्था पर्यावरण संरक्षण के साथ सामाजिक सेवा के क्षेत्र में भी गतिविधियां संचालित करने की बात कहती है।
ह्यूमेन फाउंडेशन ट्रस्ट का Chhatrapati Shahu Ji Maharaj University, Kanpur के साथ MOU भी विश्वविद्यालय के आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज है। CSJMU की सूची में Humane Foundation Trust, Kanpur का MOU 18 जून 2021 को दर्ज किया गया है।
एक ऑनलाइन संगठनात्मक प्रोफाइल में भी Humane Foundation Trust को कानपुर स्थित पर्यावरण एवं सामुदायिक कल्याण से जुड़ी संस्था के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। उसी प्रोफाइल में साड़ी बैंक, खिलौना बैंक और पौधरोपण जैसी गतिविधियों का उल्लेख मिलता है।
2026 में Eco & Friendly Gift Shop की योजना
संस्था ने वर्ष 2026 में Free Eco & Friendly Gift Shop शुरू करने का संकल्प भी व्यक्त किया है। इसका उद्देश्य लोगों को पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों की ओर आकर्षित करना और ऐसे विकल्पों को प्रोत्साहित करना बताया गया है, जो रोजमर्रा के जीवन में प्लास्टिक एवं अनावश्यक संसाधन-उपयोग को कम करने में मदद कर सकें।
इसके साथ ही प्राचीन और जीर्ण-शीर्ण मंदिरों के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण की दिशा में भी काम करने का संकल्प संस्था की ओर से बताया गया है। इससे सामाजिक सेवा, सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरणीय सोच को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
“पर्यावरण संरक्षण आदत बने, सिर्फ अभियान नहीं”
ह्यूमेन फाउंडेशन ट्रस्ट की इन गतिविधियों का केंद्रीय संदेश यही है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए हमेशा बड़े स्तर की कार्रवाई जरूरी नहीं होती। पानी की बोतल साथ रखना, कपड़े का बैग इस्तेमाल करना, उपयोगी वस्तुओं को दोबारा जरूरतमंदों तक पहुंचाना और सामाजिक आयोजनों में कचरा कम करना जैसे छोटे कदम भी सामूहिक रूप से बदलाव की दिशा में योगदान दे सकते हैं।
संस्था की पहल का संदेश:
«“पर्यावरण संरक्षण किसी एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी की आदत बनना चाहिए।”»
और इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए संस्था का जोर “छोटी आदत, बड़ा बदलाव” जैसे व्यवहारिक दृष्टिकोण पर है।
https://youtu.be/TLnufdOaTig?si=7ZOYWvpBSRt2dhUP
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