कौन हैं IAS जितेंद्र प्रताप सिंह? CMO विवाद से हाईकोर्ट तक, इन मामलों से रहे चर्चा में, अब कानपुर से हुआ तबादला
कानपुर के जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह का तबादला कर उन्हें उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद का निदेशक बनाया गया है। करीब डेढ़ वर्ष के कानपुर कार्यकाल में वह कई प्रशासनिक कार्रवाइयों के साथ-साथ चर्चित DM बनाम CMO विवाद को लेकर सुर्खियों में रहे। फरवरी 2025 में CMO कार्यालय के निरीक्षण से शुरू हुआ विवाद बाद में शासन और हाईकोर्ट तक पहुंचा। अब हालिया तबादले के बीच उनके एक अन्य मामले में हाईकोर्ट की कार्रवाई और 13 अक्टूबर को कोर्ट में पेशी का आदेश भी चर्चा में है।
कौन हैं IAS जितेंद्र प्रताप सिंह? CMO विवाद से हाईकोर्ट तक, इन मामलों से रहे चर्चा
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बिंदास बोल न्यूज़ विशेष संवाददाता
कानपुर। उत्तर प्रदेश सरकार के देर रात हुए 34 IAS अधिकारियों के तबादले में कानपुर के जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह का भी तबादला कर दिया गया है। उन्हें अब निदेशक, उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद की जिम्मेदारी दी गई है। उनकी जगह कुशीनगर के जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर को कानपुर का नया जिलाधिकारी बनाया गया है।
जितेंद्र प्रताप सिंह ने जनवरी 2025 में कानपुर के जिलाधिकारी का पद संभाला था। करीब डेढ़ वर्ष के कार्यकाल के दौरान वह प्रशासनिक कार्रवाइयों के साथ-साथ कई चर्चित मामलों को लेकर सुर्खियों में रहे।
सबसे ज्यादा चर्चा में रहा DM बनाम CMO विवाद
जितेंद्र प्रताप सिंह के कानपुर कार्यकाल का सबसे चर्चित प्रकरण DM बनाम CMO विवाद रहा।
विवाद की शुरुआत फरवरी 2025 में हुई, जब जिलाधिकारी ने तत्कालीन मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी के कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। रिपोर्टों के मुताबिक निरीक्षण के दौरान कई कर्मचारी अनुपस्थित मिले। इसके बाद स्वास्थ्य केंद्रों के निरीक्षण में भी डीएम की ओर से कमियां सामने आने और कार्रवाई के निर्देश दिए जाने की बात सामने आई।
जिलाधिकारी और CMO के बीच मतभेद बढ़ने के बाद मामला शासन तक पहुंच गया। डीएम की ओर से CMO के खिलाफ कार्रवाई और तबादले की संस्तुति किए जाने की भी रिपोर्ट सामने आई थी।
वायरल ऑडियो ने विवाद को और बढ़ाया
इसके बाद एक कथित ऑडियो सामने आया, जिसमें CMO की ओर से जिलाधिकारी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने की चर्चा हुई। मामला इतना बढ़ा कि शासन और राजनीतिक गलियारों तक इसकी चर्चा होने लगी।
इस पूरे प्रकरण में अलग-अलग जनप्रतिनिधियों की ओर से भी पत्राचार हुआ और अधिकारियों के पक्ष में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
CMO हरिदत्त नेमी निलंबित हुए
19 जून 2025 को शासन ने तत्कालीन CMO डॉ. हरिदत्त नेमी को निलंबित कर दिया। शासन के आदेश में नियुक्ति प्रक्रिया, प्रशासनिक एवं वित्तीय प्रक्रियाओं समेत कई अनियमितताओं के आरोपों का उल्लेख किया गया था।
हालांकि, इसके बाद मामला अदालत तक पहुंचा। डॉ. हरिदत्त नेमी ने अपने निलंबन को हाईकोर्ट में चुनौती दी। जुलाई 2025 में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने निलंबन पर रोक लगाई थी और राज्य सरकार से जवाब मांगा था।
बाद में डॉ. हरिदत्त नेमी दोबारा कानपुर CMO की कुर्सी पर भी लौटे। इस पूरे घटनाक्रम ने कानपुर के प्रशासनिक गलियारों में DM और CMO के बीच विवाद को काफी चर्चा में ला दिया था।
CMO ने DM पर लगाए थे गंभीर आरोप
निलंबन के बाद डॉ. हरिदत्त नेमी ने जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। इनमें जातिसूचक टिप्पणी, मारपीट और एक भुगतान को लेकर दबाव बनाने जैसे आरोप शामिल थे।
वहीं जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने इन आरोपों को निराधार बताया था और निलंबित अधिकारी द्वारा शासन के निर्णय पर सार्वजनिक टिप्पणी को अनुशासनहीनता बताया था। इन आरोपों की रिपोर्टिंग में दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग रहे हैं।
हाईकोर्ट का मामला भी चर्चा में
जितेंद्र प्रताप सिंह से जुड़े एक अन्य मामले में हाल ही में हाईकोर्ट की ओर से जुर्माना लगाए जाने की बात सामने आई है। इस मामले में 13 अक्टूबर को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश भी चर्चा में है।
हालांकि, उपलब्ध सार्वजनिक रिपोर्टों में इस आदेश की पूरी पृष्ठभूमि और तबादला आदेश के साथ इसका कोई आधिकारिक संबंध स्पष्ट नहीं है। इसलिए इसे तबादले का कारण मानकर प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।
आम लोगों की शिकायतों पर कार्रवाई को लेकर भी रहे चर्चा में
विवादों के अलावा जितेंद्र प्रताप सिंह अपने जनसुनवाई और प्रशासनिक हस्तक्षेप को लेकर भी चर्चा में रहे। हाल ही में घाटमपुर संपूर्ण समाधान दिवस में बड़ी संख्या में शिकायतें आईं, जिनमें कुछ मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया।
एक मामले में 18 किलोमीटर पैदल चलकर डीएम से मिलने पहुंची महिला की शिकायत पर प्रशासन ने उसके परिवार को सरकारी योजनाओं से जोड़ने और तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई की थी।
बच्चियों को गुल्लक देकर उनमें अपनी ओर से पैसे डालने की तस्वीर भी मई 2026 में चर्चा में रही थी।
अब कृषि उत्पादन मंडी परिषद की जिम्मेदारी
अब प्रदेश सरकार के ताजा तबादले के बाद जितेंद्र प्रताप सिंह को निदेशक, उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद बनाया गया है।
वहीं कुशीनगर के जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर को कानपुर नगर का नया जिलाधिकारी बनाया गया है।
कानपुर में जितेंद्र प्रताप सिंह के कार्यकाल को जहां प्रशासनिक कार्रवाइयों और जनसुनवाई के लिए याद किया जाएगा, वहीं DM- CMO विवाद, वायरल ऑडियो, शासन स्तर की कार्रवाई और अदालत से जुड़े मामलों ने भी उनके कार्यकाल को लगातार सुर्खियों में बनाए रखा।
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