सिंगापुर के निवेशकों को यूपी में बड़े निवेश का न्योता, जेवर में ‘सिंगापुर सिटी’ और हाईटेक टाउनशिप का प्रस्ताव

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के नेतृत्व वाले 14 सदस्यीय उच्चस्तरीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक कर उत्तर प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। सिंगापुर के निवेशकों ने लॉजिस्टिक्स, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी, अर्बन प्लानिंग और हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्रों में निवेश में रुचि दिखाई। बैठक के दौरान कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण तथा सतत अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े MoU का आदान-प्रदान भी हुआ। मुख्यमंत्री ने फरवरी 2026 की अपनी सिंगापुर यात्रा के दौरान हुए लगभग ₹60,000 करोड़ के निवेश समझौतों का उल्लेख करते हुए कहा कि अब सरकार का लक्ष्य MoU को जमीन पर उतारकर उत्पादन शुरू कराना है। जेवर क्षेत्र में ‘सिंगापुर सिटी’ और हाईटेक औद्योगिक टाउनशिप विकसित करने का प्रस्ताव भी सामने आया।

सिंगापुर के निवेशकों को यूपी में बड़े निवेश का न्योता, जेवर में ‘सिंगापुर सिटी’ और हाईटेक टाउनशिप का प्रस्ताव

लखनऊ। उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिंगापुर के शीर्ष उद्योगपतियों एवं निवेशकों के 14 सदस्यीय उच्चस्तरीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई चर्चा में उत्तर प्रदेश में निवेश की नई संभावनाओं और पहले से प्रस्तावित परियोजनाओं को धरातल पर उतारने पर विशेष जोर दिया गया। उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार बैठक 28 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री के सरकारी आवास, 5-कालिदास मार्ग, लखनऊ में हुई।

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लॉजिस्टिक्स से सेमीकंडक्टर तक निवेश की संभावनाएं

सिंगापुर के प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश में लॉजिस्टिक्स, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी, अर्बन प्लानिंग और हॉस्पिटैलिटी जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में निवेश में रुचि व्यक्त की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, बेहतर कनेक्टिविटी और उपलब्ध निवेश अवसरों को रेखांकित किया।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से जेवर क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय निवेश के लिए महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, एक्सप्रेस-वे नेटवर्क तथा ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जुड़ी कनेक्टिविटी का उल्लेख करते हुए क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए मजबूत सप्लाई-चेन हब विकसित होने की संभावनाएं बताईं। साथ ही जेवर के पास ‘सिंगापुर सिटी’ और हाईटेक औद्योगिक टाउनशिप विकसित करने का प्रस्ताव भी सामने रखा गया।

फरवरी की सिंगापुर यात्रा में ₹60,000 करोड़ के MoU

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फरवरी 2026 में अपनी सिंगापुर यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौरान लगभग ₹60,000 करोड़ के निवेश समझौतों पर सहमति बनी थी। Invest UP के अनुसार फरवरी में सिंगापुर में लगभग ₹60,000 करोड़ के MoU हुए थे, जबकि करीब ₹1 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सरकार का मुख्य लक्ष्य केवल MoU तक सीमित रहना नहीं, बल्कि निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलना और उत्पादन शुरू कराना है। उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि MoU से Manufacturing और Groundbreaking से Production तक प्रदेश सरकार हर चरण में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएगी।

कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण में सहयोग

बैठक के दौरान कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में भी सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। सिंगापुर की Agrocorp International के साथ सोया और चना प्रोटीन से संबंधित विनिर्माण इकाई स्थापित करने के लिए MoU का आदान-प्रदान किया गया। इससे उत्तर प्रदेश में कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण, वैल्यू एडिशन और खाद्य उद्योग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की कृषि क्षमता और देश के खाद्यान्न उत्पादन में प्रदेश की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी का उल्लेख करते हुए सिंगापुर की उच्च गुणवत्ता वाली फूड पैकेजिंग और एक्सपोर्ट मॉडल के साथ सहयोग की संभावनाएं भी रेखांकित कीं।

सतत अपशिष्ट प्रबंधन पर भी समझौता

सतत अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में Blue Planet Environmental Solutions के साथ भी MoU का आदान-प्रदान हुआ। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार कंपनी नोएडा सेक्टर-145 में लगभग 7.5 लाख टन लिगेसी वेस्ट के उपचार तथा सहारनपुर में प्रतिदिन 350 टन क्षमता वाले फ्रेश वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट पर काम करेगी। प्रस्तावित निवेश करीब ₹250 से ₹350 करोड़ बताया गया है।

छह रणनीतिक क्षेत्रों पर विशेष फोकस

उत्तर प्रदेश सरकार और सिंगापुर के बीच सहयोग को ठोस परिणामों तक पहुंचाने के लिए बैठक में छह प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष जोर रहा। इनमें जेवर क्षेत्र एवं मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स, हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग एवं सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर एवं डिजिटल सेवाएं, क्लीन एवं ग्रीन एनर्जी, वेस्ट मैनेजमेंट एवं वाटर रिसाइक्लिंग तथा अर्बन प्लानिंग और हॉस्पिटैलिटी प्रमुख हैं।

मुख्यमंत्री ने निवेशकों को उत्तर प्रदेश सरकार की नीति को Safety, Stability & Speed के भरोसे से जोड़ते हुए कहा कि सरकार निवेश प्रस्तावों को तेजी से जमीन पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है।

हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार की संभावनाएं

बैठक में सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर और क्लीन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों को भविष्य की अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण आधार के रूप में देखा गया। सिंगापुर की तकनीकी विशेषज्ञता और उत्तर प्रदेश के बड़े औद्योगिक एवं उपभोक्ता बाजार के बीच साझेदारी से नई औद्योगिक परियोजनाओं, रोजगार और तकनीकी निवेश के अवसर बढ़ने की संभावना है।

प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बातचीत को उत्तर प्रदेश और सिंगापुर के बीच आर्थिक एवं औद्योगिक साझेदारी को अगले स्तर पर ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का जोर अब निवेश प्रस्तावों को MoU से आगे बढ़ाकर वास्तविक परियोजनाओं और उत्पादन में बदलने पर है।