‘सूर्या’ में डॉक्टरों के चित्रण पर IMA कानपुर नाराज, पोस्टर जलाकर किया प्रदर्शन

कानपुर। फिल्म ‘सूर्या: अंत से आरंभ तक’ में चिकित्सक समुदाय के कथित आपत्तिजनक चित्रण को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), कानपुर शाखा ने कड़ी नाराजगी जताई है। आईएमए भवन, टेंपल ऑफ सर्विस, 37/7 परेड में आयोजित आपातकालीन आम सभा में फिल्म के कुछ दृश्यों एवं संवादों पर आपत्ति जताते हुए चिकित्सकों ने कहा कि पूरे चिकित्सा समुदाय को नकारात्मक रूप में प्रस्तुत करने से डॉक्टरों की सामाजिक प्रतिष्ठा और चिकित्सक-मरीज के बीच विश्वास प्रभावित हो सकता है। आम सभा के बाद आईएमए पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन किया तथा फिल्म के पोस्टर जलाकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। आईएमए कानपुर ने फिल्म से चिकित्सकों के खिलाफ कथित आपत्तिजनक दृश्यों एवं संवादों को हटाने, फिल्म निर्माताओं से सार्वजनिक माफी मांगने, संबंधित YouTube वीडियो हटाने तथा उत्तर प्रदेश में फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की है। फिल्म की रिलीज 20 नवंबर 2026 को प्रस्तावित बताई गई है। आईएमए ने कहा कि रचनात्मक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ सामाजिक जिम्मेदारी और तथ्यों के प्रति संवेदनशीलता भी जरूरी है। संगठन ने मीडिया एवं आम जनता से चिकित्सा पेशे से जुड़े विषयों पर तथ्यपरक दृष्टिकोण अपनाने तथा डॉक्टरों और मरीजों के बीच विश्वास एवं सम्मान बनाए रखने में सहयोग की अपील की है।

‘सूर्या’ में डॉक्टरों के चित्रण पर IMA कानपुर नाराज, पोस्टर जलाकर किया प्रदर्शन
‘सूर्या’ में डॉक्टरों के चित्रण पर IMA कानपुर नाराज, पोस्टर जलाकर किया प्रदर्शन

फिल्म ‘सूर्या: अंत से आरंभ तक’ के खिलाफ IMA कानपुर का हल्लाबोल, पोस्टर जलाकर जताया विरोध; यूपी में रिलीज रोकने की मांग

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कानपुर। फिल्म ‘सूर्या: अंत से आरंभ तक’ में चिकित्सक समुदाय के कथित आपत्तिजनक चित्रण को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), कानपुर शाखा ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। आईएमए कानपुर की आपातकालीन आम सभा ‘आईएमए भवन’, टेंपल ऑफ सर्विस, 37/7 परेड, कानपुर में आयोजित की गई, जिसमें फिल्म के कुछ दृश्यों एवं संवादों को लेकर चिकित्सकों ने गहरी आपत्ति जताई।

बैठक में आईएमए पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने कहा कि चिकित्सक समुदाय मानव जीवन की रक्षा और जनस्वास्थ्य की सेवा के लिए निरंतर कार्य करता है। ऐसे में किसी फिल्म या अन्य माध्यम से पूरे चिकित्सा समुदाय को नकारात्मक अथवा आपत्तिजनक रूप में प्रस्तुत किए जाने से चिकित्सकों की सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित होने के साथ-साथ डॉक्टर और मरीज के बीच विश्वास के संबंध पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

रचनात्मक स्वतंत्रता के साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी जरूरी

आईएमए सदस्यों ने कहा कि रचनात्मक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन इसके साथ सामाजिक जिम्मेदारी और तथ्यों के प्रति संवेदनशीलता भी आवश्यक है। किसी पेशे से जुड़े लोगों का चित्रण करते समय यह ध्यान रखा जाना चाहिए कि उससे समाज में उस पेशे के प्रति अनावश्यक नकारात्मक धारणा न बने।

फिल्म के प्रचार सामग्री और टीजर को लेकर देश के अन्य हिस्सों में भी चिकित्सा संगठनों की आपत्तियां सामने आई हैं। आईएमए की ओर से चिकित्सा पेशे के कथित नकारात्मक चित्रण और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा एवं डॉक्टर-मरीज के भरोसे पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर चिंता व्यक्त की गई है।

IMA कानपुर ने रखीं चार प्रमुख मांगें

आपातकालीन आम सभा में आईएमए कानपुर ने फिल्म को लेकर संबंधित पक्षों के सामने प्रमुख मांगें रखीं।

1. विवादित दृश्य और संवाद हटाए जाएं

आईएमए ने मांग की कि फिल्म ‘सूर्या’ में चिकित्सकों के खिलाफ कथित अपमानजनक दृश्यों एवं संवादों को तत्काल हटाया जाए।

2. निर्माता सार्वजनिक माफी मांगें

एसोसिएशन ने फिल्म निर्माताओं से चिकित्सा समुदाय की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।

3. संबंधित YouTube वीडियो हटाया जाए

आईएमए कानपुर ने फिल्म से संबंधित उस YouTube वीडियो को भी तत्काल हटाने की मांग की है, जिस पर संगठन ने आपत्ति जताई है।

4. उत्तर प्रदेश में रिलीज पर रोक की मांग

आईएमए कानपुर ने उत्तर प्रदेश सरकार से अपील की है कि चिकित्सक समुदाय के कथित आपत्तिजनक चित्रण को देखते हुए फिल्म की प्रदेश में रिलीज पर रोक लगाने के संबंध में उचित कार्रवाई की जाए।

फिल्म ‘सूर्या: अंत से आरंभ तक’ में सनी देओल मुख्य भूमिका में हैं और फिल्म की रिलीज 20 नवंबर 2026 को प्रस्तावित बताई गई है।

पोस्टर जलाकर जताया आक्रोश

आम सभा के बाद आईएमए कानपुर के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने फिल्म के कथित आपत्तिजनक चित्रण के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान फिल्म के पोस्टर जलाए गए और चिकित्सकों ने विरोध संबंधी तख्तियां एवं बैनर लेकर अपना आक्रोश व्यक्त किया।

प्रदर्शनकारियों ने फिल्म निर्माताओं से संबंधित दृश्यों और संवादों की समीक्षा करने तथा चिकित्सा समुदाय की गरिमा का सम्मान करने की मांग की।

डॉक्टर-मरीज के भरोसे को लेकर चिंता

आईएमए सदस्यों ने कहा कि डॉक्टर और मरीज के बीच संबंध केवल उपचार तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह विश्वास, संवेदनशीलता और मानवीय सहयोग पर आधारित होता है। चिकित्सा पेशे से जुड़े किसी व्यक्ति के व्यक्तिगत कृत्य को पूरे चिकित्सक समुदाय की छवि से जोड़ना उचित नहीं है।

एसोसिएशन का कहना है कि यदि किसी चिकित्सक के विरुद्ध अनैतिक या गलत आचरण का मामला सामने आता है तो उसकी जांच और जवाबदेही निर्धारित कानूनी एवं संस्थागत प्रक्रिया के माध्यम से होनी चाहिए, लेकिन किसी एक घटना या पात्र के आधार पर पूरे चिकित्सा समुदाय की छवि को नकारात्मक रूप में प्रस्तुत किए जाने से बचना चाहिए।

फिल्म विवाद अब कानूनी स्तर तक पहुंचा

इस विवाद के बीच फिल्म की प्रस्तावित रिलीज से पहले इसके दृश्यों और संवादों की समीक्षा की मांग को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर किए जाने की भी रिपोर्ट सामने आई है। याचिका में फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक की मांग किए जाने की बात कही गई है।

हालांकि, फिल्म निर्माताओं की ओर से इस पूरे विवाद पर आगे क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है और संबंधित प्राधिकरण इस मामले में क्या कदम उठाते हैं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

मीडिया और जनता से अपील

आईएमए कानपुर ने मीडिया एवं आम जनता से अपील की कि चिकित्सा पेशे से जुड़े विषयों पर तथ्यपरक और संतुलित दृष्टिकोण अपनाया जाए। एसोसिएशन ने कहा कि डॉक्टरों और मरीजों के बीच विश्वास एवं सम्मान का संबंध स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावशीलता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

आईएमए कानपुर ने स्पष्ट किया कि चिकित्सक समुदाय के सम्मान, प्रतिष्ठा और सुरक्षित कार्य वातावरण से जुड़े मुद्दों को उचित मंचों पर उठाना जारी रखा जाएगा।