विनीत मिनोचा हत्याकांड: शालू समेत तीन आरोपियों की 24 घंटे की रिमांड पर सुनवाई, CDR से सामने आईं नई कड़ियां
कानपुर के दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में पुलिस ने बहू शालू समेत तीन आरोपियों की 24 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड मांगी है। जांच में आरोपियों की कॉल डिटेल, नए सिम, सीसीटीवी फुटेज और वारदात की रात की गतिविधियों से जुड़े कई तथ्य सामने आए हैं। पुलिस वसीयत समेत अन्य दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। कानपुर के रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या की जांच में पुलिस ने बहू शालू, विशाल और राजकिशोर से पूछताछ के लिए 24 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड मांगी है। पुलिस के मुताबिक विशाल ने हत्या से दो दिन पहले नया सिम लिया था और उससे शालू, सुब्रत तथा राजकिशोर से बातचीत की। पुलिस वारदात की रात आरोपियों की गतिविधियों, सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और विनीत मिनोचा से संबंधित वसीयत की भी जांच कर रही है। अदालत में रिमांड पर सुनवाई की प्रक्रिया जारी है।
विनीत मिनोचा हत्याकांड: शालू समेत तीन आरोपियों की 24 घंटे की रिमांड पर सुनवाई, CDR से सामने आईं नई कड़ियां
कानपुर। दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड की जांच में पुलिस ने बहू शालू समेत तीन आरोपियों को 24 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए अदालत में प्रार्थना पत्र दिया है। बुधवार को तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक रिमांड की मांग पर बुधवार को बहस नहीं हो सकी और अगली सुनवाई के लिए 19 सितंबर की तारीख तय की गई है।
पुलिस की जांच में वारदात से पहले और बाद की गतिविधियों को लेकर कई अहम कड़ियां सामने आने का दावा किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की है।
नए सिम से शालू और सुब्रत से बातचीत
पुलिस के मुताबिक, आरोपी विशाल ने हत्या से दो दिन पहले 3 सितंबर को नया सिम कार्ड लिया था। जांच के अनुसार इस नंबर से 3 से 6 सितंबर के बीच विशाल ने शालू को सात और सुब्रत को छह बार फोन किया। इसी अवधि में विशाल और राजकिशोर के बीच भी कई बार बातचीत हुई।
पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद नए सिम का इस्तेमाल बंद कर दिया गया। पुलिस अब नए नंबर से की गई बातचीत और वारदात के पहले तथा बाद की गतिविधियों को आपस में जोड़कर जांच कर रही है।
अपार्टमेंट में दाखिल होने के बाद भी हुई बातचीत
पुलिस की जांच के अनुसार 5 सितंबर की रात विशाल और राजकिशोर रतन ऑर्बिट परिसर में पहुंचे। पुलिस का कहना है कि दोनों कुछ समय परिसर में घूमते रहे और इसी दौरान उनके बीच मोबाइल फोन पर बातचीत हुई।
जांच में यह भी सामने आने की बात कही गई है कि शुरुआत में एक आरोपी के फ्लैट के अंदर जाने और दूसरे के बाहर निगरानी करने की योजना थी। बाद में दोनों के साथ अंदर जाने की बात सामने आई। हालांकि, इन बिंदुओं की पुष्टि अदालत में साक्ष्य और आगे की जांच से होनी है।
डुप्लीकेट चाबी से फ्लैट में प्रवेश का दावा
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने विनीत मिनोचा के फ्लैट में प्रवेश के लिए डुप्लीकेट चाबी का इस्तेमाल किया। पूर्व कर्मचारी विशाल और उसके साथी राजकिशोर के खिलाफ पुलिस ने हत्या के आरोप में कार्रवाई की है। शुरुआती जांच में डुप्लीकेट चाबी तैयार किए जाने की बात भी सामने आई थी।
पुलिस के अनुसार रात में दोनों आरोपी फ्लैट के अंदर पहुंचे। इसी दौरान विनीत मिनोचा घर लौटे और कमरे में मौजूद आरोपियों से उनका सामना हुआ। पुलिस के मुताबिक संघर्ष के बाद आरोपियों ने उन पर हमला किया और बाद में दोनों फ्लैट से बाहर निकल गए।
मोबाइल और सीसीटीवी फुटेज की जांच
जांच एजेंसियां वारदात की रात आरोपियों की गतिविधियों को सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल से जोड़ रही हैं। पुलिस ने तिलक नगर स्थित कॉस्मोजिन लाउंज में आयोजित कपल किटी पार्टी की वीडियो रिकॉर्डिंग भी जांच के लिए हासिल की है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक शालू और उसके पति सुब्रत के पार्टी के आयोजन से जुड़े होने की भी जांच की गई है।
पुलिस का ध्यान अब इस बात पर भी है कि हत्या से पहले और बाद में आरोपियों ने किन लोगों से संपर्क किया और उनके बीच किस तरह की बातचीत हुई।
सुब्रत की भूमिका की भी जांच
जांच का दायरा विनीत मिनोचा के बेटे सुब्रत तक भी पहुंचा है। पुलिस ने शालू और विशाल के बयानों के साथ सुब्रत से संबंधित कॉल डिटेल की भी जांच की है। उपलब्ध रिपोर्टों में पुलिस द्वारा विशाल और सुब्रत के बीच बड़ी संख्या में फोन कॉल सामने आने की बात कही गई है। हालांकि, सुब्रत की भूमिका को लेकर जांच अभी जारी है और किसी अंतिम निष्कर्ष से पहले पुलिस साक्ष्यों का मिलान कर रही है।
वसीयत का दस्तावेज भी जांच के दायरे में
पुलिस को विनीत मिनोचा की संपत्ति से संबंधित वर्ष 2022 की वसीयत का दस्तावेज भी मिला है। पुलिस इसकी जांच कर रही है कि वसीयत में किन लोगों को संपत्ति का हिस्सेदार बनाया गया था और क्या इसका हत्याकांड की संभावित वजह से कोई संबंध है।
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार वसीयत में पत्नी, बेटे और बेटी के नाम होने की बात सामने आई है और पुलिस यह भी जांच रही है कि बहू शालू का नाम उसमें था या नहीं। हालांकि, वसीयत और हत्या के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस ने मांगी 24 घंटे की कस्टडी रिमांड
डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी के अनुसार शालू और विशाल से पूछताछ तथा सुब्रत से क्रॉस-एग्जामिनेशन के लिए पुलिस ने अदालत से 24 घंटे की कस्टडी रिमांड मांगी है। पुलिस का उद्देश्य आरोपियों के बयानों का आपस में मिलान करने के साथ वारदात से जुड़े शेष तथ्यों की पुष्टि करना है।
बुधवार को तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। उपलब्ध ताजा रिपोर्ट के अनुसार रिमांड पर तत्काल बहस नहीं हो सकी और अदालत ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 19 सितंबर की तारीख तय की है।
पुलिस का कहना है कि कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल की डिजिटल हिस्ट्री, वसीयत और आरोपियों के बयानों का मिलान कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही हत्या की साजिश में प्रत्येक आरोपी की भूमिका के संबंध में स्थिति स्पष्ट होगी।
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