सीएसए के कृषि महाविद्यालय लखीमपुर खीरी में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के दीक्षारंभ कार्यक्रम का शुभारंभ
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए), कानपुर के कृषि महाविद्यालय लखीमपुर खीरी में बी.एससी. (ऑनर्स) कृषि प्रथम वर्ष के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए दीक्षारंभ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को शैक्षणिक व्यवस्था, पाठ्यक्रम, विश्वविद्यालय के नियमों, अनुशासन, छात्र कल्याण सुविधाओं और उपलब्ध संसाधनों की जानकारी दी गई। मुख्य अतिथि डॉ. रविंद्र नाथ ने स्वस्थ जीवनशैली पर जोर दिया, जबकि प्रभारी अधिष्ठाता ने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, अनुशासन और शिक्षकों से संवाद बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
सीएसए के कृषि महाविद्यालय लखीमपुर खीरी में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के दीक्षारंभ कार्यक्रम का शुभारंभ
लखीमपुर खीरी। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर के कृषि महाविद्यालय, लखीमपुर खीरी में बी.एससी. (ऑनर्स) कृषि प्रथम वर्ष के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए दीक्षारंभ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ प्रभारी अधिष्ठाता द्वारा की गई।
दीक्षारंभ कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, पाठ्यक्रम, विश्वविद्यालय के नियमों एवं अनुशासन, उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों तथा छात्र कल्याण से संबंधित सुविधाओं से परिचित कराना है। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक वातावरण के अनुरूप ढलने, नियमित अध्ययन, नैतिक मूल्यों, अनुशासन, आत्मविश्वास एवं सीखने की प्रवृत्ति विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों का परिचय कराया गया। मुख्य अतिथि डॉ. रविंद्र नाथ ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए स्वस्थ जीवन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित दिनचर्या अपनाने, संतुलित आहार लेने तथा स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी।
प्रभारी अधिष्ठाता ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कृषि पाठ्यक्रम में प्रवेश प्राप्त करने पर उन्हें बधाई दी। उन्होंने स्नातक पाठ्यक्रम की रूपरेखा, सेमेस्टर प्रणाली, क्रेडिट एवं आंतरिक मूल्यांकन सहित विभिन्न शैक्षणिक व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने महाविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों तथा विश्वविद्यालय के नियमों एवं अनुशासन से विद्यार्थियों को अवगत कराया। साथ ही नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित रहने और शिक्षकों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर सह-प्राध्यापक डॉ. आनंद कुमार पांडेय ने नियमित अध्ययन के साथ खेलकूद एवं कृषि फार्म की गतिविधियों में विद्यार्थियों की सहभागिता के महत्व पर प्रकाश डाला। सह-प्राध्यापक डॉ. अरुण कुमार ने दीक्षारंभ कार्यक्रम की उपयोगिता बताते हुए विद्यार्थियों में सीखने की प्रवृत्ति विकसित करने पर विशेष बल दिया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. राज कुमार ने किया। इस अवसर पर डॉ. रणधीर यादव, डॉ. प्रसुन सचान, डॉ. शिवम सिंह, डॉ. कविता साहू एवं सुश्री शिखा शुक्ला सहित महाविद्यालय के समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ शारीरिक, सामाजिक एवं सह-पाठ्यक्रमीय गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के लिए भी प्रोत्साहित किया गया। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को समय प्रबंधन, अनुशासन, सकारात्मक सोच और निरंतर सीखने की आदत विकसित करने का संदेश दिया।
दीक्षारंभ कार्यक्रम नवप्रवेशित विद्यार्थियों को महाविद्यालय के नए परिवेश से परिचित कराने तथा उन्हें जिम्मेदार, अनुशासित, कुशल एवं संवेदनशील कृषि स्नातक के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।

