बैंक ऑफ इंडिया में वित्तीय साक्षरता एवं साइबर जागरूकता अभियान, डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड से बचने की अपील
बैंक ऑफ इंडिया, कानपुर के आंचलिक कार्यालय में वित्तीय साक्षरता एवं साइबर जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। बैंक अधिकारियों ने ग्राहकों और स्टाफ को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली साइबर ठगी से सावधान रहने, OTP और बैंकिंग जानकारी साझा न करने तथा साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में 1930 पर शिकायत करने की जानकारी दी।
बैंक ऑफ इंडिया में वित्तीय साक्षरता एवं साइबर जागरूकता अभियान
कानपुर। बैंक ऑफ इंडिया, कानपुर के आंचलिक कार्यालय में सोमवार को वित्तीय साक्षरता एवं साइबर जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। अभियान का उद्देश्य ग्राहकों एवं बैंक स्टाफ को सुरक्षित बैंकिंग, डिजिटल लेन-देन और बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम में विशेष रूप से ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर होने वाली साइबर ठगी को लेकर लोगों को सतर्क किया गया।
पुलिस-CBI-RBI अधिकारी बनकर डराते हैं साइबर ठग
आंचलिक प्रबंधक अभय कुमार ने बताया कि साइबर अपराधी पुलिस, CBI, RBI अथवा अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बनकर फोन या वीडियो कॉल करते हैं। इसके बाद लोगों को डराने-धमकाने और मानसिक दबाव में लेकर धनराशि ट्रांसफर करने के लिए मजबूर करने का प्रयास किया जाता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी सरकारी या जांच एजेंसी फोन अथवा वीडियो कॉल के माध्यम से किसी व्यक्ति को ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर पैसे जमा कराने के लिए नहीं कहती।
ऐसी कॉल आने पर घबराने के बजाय तत्काल कॉल काटने और संबंधित अधिकारियों अथवा परिजनों से संपर्क करने की सलाह दी गई।
OTP, PIN और CVV किसी से साझा न करें
अभय कुमार ने लोगों से अपील की कि OTP, ATM/डेबिट कार्ड का विवरण, PIN, CVV, पासवर्ड तथा बैंक खाते या इंटरनेट बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री जन-धन योजना, अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के संबंध में भी जानकारी दी गई।
संदिग्ध लिंक और अनजान ऐप से रहें सावधान
उप आंचलिक प्रबंधक मदन सिंह नपलच्याल ने सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग के लिए मजबूत पासवर्ड रखने और संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि लोगों को अनजान मोबाइल एप डाउनलोड करने से बचना चाहिए तथा सोशल मीडिया और ऑनलाइन लेन-देन के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
साइबर ठगी होने पर 1930 पर करें शिकायत
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर धोखाधड़ी हो जाती है तो वह तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करा सकता है।
अभियान में बैंक के सभी स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे और सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग एवं वित्तीय जागरूकता को लेकर जानकारी साझा की गई।
बिंदास बोल न्यूज़ विशेष संवाददाता

