कानपुर में यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष के घर कथित विवाद का मामला, हमले की शिकायत के बाद दर्ज FIR पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

कानपुर में यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष अब्दुल माबूद सिद्दीकी के घर 25 सितंबर 2026 को कथित रूप से हुए विवाद और मारपीट के मामले ने राजनीतिक रूप ले लिया है। अब्दुल माबूद की ओर से थाना बाबूपुरवा में दिए गए प्रार्थना-पत्र में मेराज सिद्दीकी उर्फ चांद पहलवान, नफीस अहमद, जीशान उर्फ गठरी सहित अन्य लोगों पर घर में घुसने, मारपीट, धमकी देने और जबरन ले जाने का प्रयास करने जैसे आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने घटना की CCTV फुटेज के आधार पर कार्रवाई की मांग की है। दूसरी ओर, सार्वजनिक रूप से प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार 25 सितंबर की घटना को लेकर व्यापारी मेराज सिद्दीकी की तहरीर पर बाबूपुरवा पुलिस ने 28 सितंबर तक अब्दुल माबूद सिद्दीकी समेत दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। रिपोर्ट में पुलिस के हवाले से कहा गया है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। कांग्रेस का आरोप है कि अब्दुल माबूद की शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई के बजाय उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया, जिससे मामले की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। पार्टी ने CCTV फुटेज सुरक्षित कर उसकी जांच कराने, दोनों पक्षों की शिकायतों की निष्पक्ष जांच करने तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की है।

Oct 3, 2026 - 18:39
Oct 3, 2026 - 22:34
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कानपुर में यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष के घर कथित विवाद का मामला, हमले की शिकायत के बाद दर्ज FIR पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

कानपुर में यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष के घर कथित विवाद का मामला, हमले की शिकायत के बाद दर्ज FIR पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

कानपुर। यूथ कांग्रेस कानपुर के जिलाध्यक्ष अब्दुल माबूद सिद्दीकी के घर 25 सितंबर 2026 को हुई कथित घटना को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। अब्दुल माबूद की ओर से थाना बाबूपुरवा में दिए गए प्रार्थना-पत्र में कुछ लोगों पर घर में जबरन प्रवेश करने, मारपीट करने, धमकी देने तथा उन्हें जबरन वाहन में ले जाने का प्रयास करने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने घटना से संबंधित CCTV फुटेज के आधार पर निष्पक्ष जांच और प्राथमिकी दर्ज किए जाने की मांग की है।

प्रार्थना-पत्र में क्या आरोप लगाए गए?

अब्दुल माबूद द्वारा थाना बाबूपुरवा को दिए गए प्रार्थना-पत्र के अनुसार, 25 सितंबर को शाम करीब चार बजे मेराज सिद्दीकी उर्फ चांद पहलवान, नफीस अहमद, जीशान उर्फ गठरी तथा इमरान समेत कुछ अन्य लोग कथित रूप से उनके घर पहुंचे।

प्रार्थना-पत्र में आरोप लगाया गया है कि इन लोगों ने घर में प्रवेश करने का प्रयास किया और अब्दुल माबूद को जबरन बाहर ले जाकर वाहन में बैठाने की कोशिश की। शिकायतकर्ता ने मारपीट और गाली-गलौज का भी आरोप लगाया है। प्रार्थना-पत्र के अनुसार, आसपास के लोगों के एकत्र होने के बाद कथित रूप से वहां पहुंचे लोग चले गए।

अब्दुल माबूद ने पुलिस से घटना में उपलब्ध CCTV फुटेज को जांच का आधार बनाते हुए नामजद तथा अज्ञात व्यक्तियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

25 सितंबर की घटना को लेकर दूसरा पक्ष भी पुलिस पहुंचा

इस मामले में सार्वजनिक रूप से प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, सुजातगंज निवासी व्यापारी मेराज सिद्दीकी की तहरीर पर बाबूपुरवा पुलिस ने यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष अब्दुल माबूद सिद्दीकी समेत दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

रिपोर्ट के मुताबिक, मेराज सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि बेगमपुरवा में उन्हें घेरकर फेसबुक पोस्ट हटाने को लेकर धमकाया गया और बाद में उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने बताया कि घटना 25 सितंबर की है।

कांग्रेस ने उठाए निष्पक्ष जांच पर सवाल

कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि अब्दुल माबूद ने पहले अपने घर पर हुई कथित घटना को लेकर पुलिस को प्रार्थना-पत्र दिया था। पार्टी का आरोप है कि उनकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई होने के बजाय बाद में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया।

कांग्रेस ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है। पार्टी का कहना है कि दोनों पक्षों की शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों की एक साथ जांच होनी चाहिए, ताकि वास्तविक घटनाक्रम सामने आ सके।

कांग्रेस के अनुसार, 29 सितंबर को पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस आयुक्त, कानपुर नगर से मिला था और पूरे घटनाक्रम से उन्हें अवगत कराया गया। पार्टी का दावा है कि पुलिस आयुक्त ने मामले की जांच का आश्वासन दिया था।

CCTV फुटेज को लेकर कांग्रेस की मांग

कांग्रेस ने घटनास्थल के CCTV कैमरों की फुटेज को सुरक्षित रखने और उसकी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि यदि घटना के समय का वीडियो उपलब्ध है तो उससे दोनों पक्षों के दावों की तथ्यात्मक जांच में मदद मिल सकती है।

पार्टी ने अब्दुल माबूद द्वारा दिए गए प्रार्थना-पत्र पर नियमानुसार कार्रवाई करने, उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे की परिस्थितियों की भी जांच करने तथा जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करने की मांग की है।

दोनों पक्षों के आरोप, जांच से सामने आएगा तथ्य

इस मामले में फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग आरोप सामने आए हैं। अब्दुल माबूद की शिकायत में घर पर पहुंचकर कथित मारपीट, धमकी और जबरन ले जाने के प्रयास का आरोप है, जबकि मेराज सिद्दीकी की शिकायत के आधार पर उनके द्वारा अब्दुल माबूद समेत दो लोगों के खिलाफ दर्ज कराई गई FIR की रिपोर्ट प्रकाशित हुई है।

ऐसे में घटना का वास्तविक क्रम क्या था और CCTV सहित अन्य साक्ष्यों से कौन-से तथ्य सामने आते हैं, यह पुलिस जांच का विषय है।

कांग्रेस ने पुलिस प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की है।

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