विनीत मिनोचा हत्याकांड: बेटे सुब्रत पर गहराया शक, विशाल से 309 बार बातचीत; नए सिम से 6 कॉल की जांच

कानपुर के दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड की जांच में बेटे सुब्रत की भूमिका को लेकर पुलिस का शक गहराया है। पुलिस ने सुब्रत, शालू और विशाल से जुड़े सात मोबाइल नंबरों की CDR खंगाली है। जांच में 1 मई से 5 सितंबर के बीच सुब्रत और आरोपी विशाल के बीच 309 बार बातचीत सामने आई। वहीं 3 सितंबर को विशाल द्वारा नया सिम लेने के बाद उसी नंबर से सुब्रत को छह कॉल किए जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस सुब्रत से विशाल से लगातार संपर्क, डुप्लीकेट चाबी बनवाने, CCTV फुटेज में विशाल को पहचानने, डॉक्टर के पास ले जाने और हत्या वाली रात आयोजित पार्टी समेत कई बिंदुओं पर पूछताछ कर रही है। शालू और विशाल की पुलिस कस्टडी रिमांड पर सुनवाई 19 सितंबर को होनी है। रिमांड मिलने पर पुलिस दोनों के बयानों का सुब्रत से आमना-सामना कराने की तैयारी में है। फिलहाल सुब्रत की भूमिका को लेकर जांच जारी है और अदालत में आरोपों की अंतिम पुष्टि होना बाकी है।

Sep 19, 2026 - 01:43
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विनीत मिनोचा हत्याकांड: बेटे सुब्रत पर गहराया शक, विशाल से 309 बार बातचीत; नए सिम से 6 कॉल की जांच

विनीत मिनोचा हत्याकांड: बेटे सुब्रत पर गहराया शक, विशाल से 309 बार बातचीत; नए सिम से 6 कॉल की जांच

कानपुर। दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड की जांच अब उनके बेटे सुब्रत मिनोचा की भूमिका पर भी केंद्रित हो गई है। पुलिस ने सुब्रत से लगातार पूछताछ की है और उसके आरोपी विशाल गौतम से संपर्क को जांच का अहम बिंदु बनाया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने मामले से जुड़े सात मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) निकाली है। इसमें सुब्रत और विशाल के बीच 1 मई से 5 सितंबर के बीच 309 बार बातचीत सामने आई है। �

3 सितंबर को नया सिम, सुब्रत को छह कॉल

जांच में सामने आया है कि हत्या से दो दिन पहले यानी 3 सितंबर को विशाल ने नया सिम कार्ड लिया था। इस नंबर से उसने शालू को सात और सुब्रत को छह बार फोन किया था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या से ठीक पहले नए नंबर से की गई इन कॉल का उद्देश्य क्या था और बातचीत में किन मुद्दों पर चर्चा हुई। �

पुलिस के लिए यह तथ्य इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि विशाल वही पूर्व कर्मचारी है, जिस पर विनीत मिनोचा की हत्या में शामिल होने का आरोप है। हालांकि, केवल कॉल रिकॉर्ड से किसी व्यक्ति की अपराध में संलिप्तता अपने आप साबित नहीं होती; पुलिस को बातचीत की सामग्री और दूसरे साक्ष्यों से इसका मिलान करना होगा।

विशाल से लगातार संपर्क को लेकर पूछताछ

पुलिस ने सुब्रत से विशाल के साथ लगातार संपर्क में रहने को लेकर सवाल किए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक विशाल लंबे समय तक मिनोचा परिवार की दुकान और घर से जुड़ा रहा था। बाद में नौकरी से अलग होने के बावजूद सुब्रत के उसके संपर्क में रहने को पुलिस जांच के एक बिंदु के रूप में देख रही है।

सुब्रत की ओर से बताया गया कि वह विशाल को छोटे-मोटे कामों के लिए फोन करता था और वह बिजली का अच्छा मैकेनिक था। पुलिस अब इस जवाब का मिलान कॉल रिकॉर्ड और CCTV फुटेज से कर रही है। 

डुप्लीकेट चाबी भी जांच के घेरे में

मामले की जांच में घर की डुप्लीकेट चाबी का एंगल भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार हत्या से करीब 20 दिन पहले सुब्रत, शालू और विशाल को साथ देखा गया था। इस दौरान डुप्लीकेट चाबी बनवाने की बात सामने आई है।

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चाबी किसके कहने पर बनवाई गई और उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से होना था। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस ने इस घटनाक्रम से जुड़े CCTV फुटेज भी जांचे हैं। �

डॉक्टर के पास विशाल को ले जाने पर भी सवाल

पुलिस ने सुब्रत से उस CCTV फुटेज को लेकर भी पूछताछ की जिसमें वह विशाल के साथ दिखाई देता है। सुब्रत की ओर से बताया गया कि विशाल की तबीयत खराब थी, इसलिए वह उसे डॉक्टर के पास लेकर गया था।

पुलिस अब इस स्पष्टीकरण को दूसरे डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों से मिलाकर देख रही है।

CCTV में विशाल को पहचानने से इनकार क्यों?

पूछताछ में पुलिस ने यह सवाल भी उठाया कि विशाल लंबे समय तक परिवार की दुकान और घर में काम करता रहा था। इसके बावजूद हत्या के बाद CCTV फुटेज दिखाए जाने पर सुब्रत ने उसे पहचानने में असमर्थता जताई थी।

रिपोर्टों के अनुसार सुब्रत ने इसका कारण बताते हुए कहा कि फुटेज में चेहरा स्पष्ट रूप से पहचान में नहीं आ रहा था। यह बिंदु भी पुलिस की पूछताछ का हिस्सा बना हुआ है। �

हत्या वाली रात पार्टी में था सुब्रत-शालू

विनीत मिनोचा की हत्या 5 सितंबर की रात उनके रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट स्थित फ्लैट में हुई थी। उसी रात सुब्रत और शालू तिलक नगर स्थित कॉस्मोजिन लाउंज की कपल पार्टी में मौजूद थे।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पार्टी का आयोजन सुब्रत और शालू से जुड़ा था। दोनों रात करीब 10:30 बजे लाउंज पहुंचे थे, जबकि पार्टी लगभग 11:30 बजे शुरू होनी थी। उनके रात करीब 3 बजे वहां से निकलने की जानकारी भी जांच में सामने आई है। �

पार्टी में करीब 35 लोगों के शामिल होने और प्रति प्लेट करीब 1,400 रुपये की बुकिंग का भी उल्लेख रिपोर्टों में किया गया है। कुल बिल करीब 49 हजार रुपये बताया गया है।

45 हजार की आय और 49 हजार की पार्टी का सवाल

पूछताछ के दौरान सुब्रत द्वारा अपनी आय करीब 35 हजार रुपये मासिक और शालू को करीब 10 हजार रुपये खर्च के लिए मिलने की बात बताए जाने की रिपोर्ट है। इसके बाद पुलिस ने पार्टी के करीब 49 हजार रुपये के खर्च को लेकर भी सवाल किया।

यह सवाल पुलिस की जांच का हिस्सा है, हालांकि पार्टी का खर्च किस स्रोत से हुआ, इसका अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

सोशल मीडिया अकाउंट भी जांच में

पुलिस की जांच में सुब्रत के सोशल मीडिया अकाउंट से संबंधित गतिविधियां भी सामने आने की बात कही गई है। रिपोर्टों के अनुसार हत्या के बाद उसने अपने फेसबुक अकाउंट पर अपनी फर्म ‘फार्मा ट्रेडर्स’ का वॉलपेपर लगाया था और बाद में कुछ पोस्ट हटाईं। फेसबुक और इंस्टाग्राम से फोटो और रील्स हटाए जाने की बात भी रिपोर्टों में कही गई है।

पुलिस इन डिजिटल गतिविधियों को भी घटनाक्रम की टाइमलाइन के साथ मिलाकर देख रही है।

शालू और विशाल की रिमांड पर 19 सितंबर को सुनवाई

मामले में जेल में बंद शालू और विशाल की पुलिस कस्टडी रिमांड की मांग की गई है। न्यायिक कार्य बहिष्कार के कारण रिमांड पर सुनवाई 19 सितंबर के लिए टाल दी गई थी। �

रिमांड मंजूर होने की स्थिति में पुलिस दोनों से पूछताछ कर सकती है और उनके बयानों का सुब्रत से आमना-सामना कराने की कोशिश कर सकती है। इससे पुलिस कॉल रिकॉर्ड, CCTV और आरोपियों के बयानों के बीच सामंजस्य की जांच कर सकेगी।

क्या है पूरा मामला?

दवा कारोबारी विनीत मिनोचा बिरहाना रोड स्थित ‘फार्मा ट्रेडर्स’ नाम की दवा फर्म चलाते थे। रिपोर्टों के अनुसार वह अपने बेटे सुब्रत के साथ कारोबार संभालते थे और फर्म का सालाना कारोबार करीब 50 से 60 करोड़ रुपये बताया गया है। �

5 सितंबर की रात रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट स्थित उनके फ्लैट में उनकी हत्या कर दी गई। पुलिस जांच में पूर्व कर्मचारी विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर की गिरफ्तारी हुई। बाद में शालू को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। पुलिस के अनुसार जांच में शालू की कथित भूमिका सामने आई है। वहीं शालू के मायके पक्ष ने उसे निर्दोष बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। �

वसीयत की भी जांच

हत्याकांड की जांच में संपत्ति से जुड़ा पहलू भी सामने आया है। पुलिस को वर्ष 2022 में पंजीकृत वसीयत से संबंधित जानकारी मिली है। रिपोर्टों के अनुसार वसीयत में पत्नी पुनीता, बेटे सुब्रत और बेटी शुभानी के नाम संपत्तियों का उल्लेख था। पुलिस संपत्ति और आर्थिक मामलों की भी जांच कर रही है। �

सुब्रत की भूमिका पर अभी जांच जारी

विनीत मिनोचा हत्याकांड में सुब्रत और विशाल के बीच 309 बार बातचीत, 3 सितंबर के नए सिम से छह कॉल, CCTV फुटेज, डुप्लीकेट चाबी और हत्या वाली रात पार्टी में मौजूदगी जैसे कई बिंदुओं की जांच की जा रही है।

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