अधिकारियों के फोन की जवाबदेही और बाढ़ राहत भ्रष्टाचार की जांच की मांग, आजाद अधिकार सेना ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
आजाद अधिकार सेना ने हरदोई में सरकारी कार्यों के लिए इस्तेमाल किए जा रहे अधिकारियों के आधिकारिक और निजी मोबाइल नंबरों को सार्वजनिक करने तथा फोन नहीं उठाने पर जवाबदेही तय करने की मांग की है। पार्टी ने हरदोई की ग्राम पंचायत नेवादा चौगवां में बाढ़ पीड़ितों के लिए स्वीकृत करोड़ों रुपये की धनराशि में कथित भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच कराने की भी मांग उठाई। इस संबंध में जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा गया।
अधिकारियों के फोन की जवाबदेही और बाढ़ राहत भ्रष्टाचार की जांच की मांग, आजाद अधिकार सेना ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
हरदोई। सरकारी अधिकारियों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और आम नागरिकों के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करने के साथ-साथ बाढ़ पीड़ित किसानों के लिए स्वीकृत धनराशि में कथित भ्रष्टाचार की जांच की मांग को लेकर आजाद अधिकार सेना ने आवाज उठाई है। पार्टी की ओर से जिलाधिकारी, हरदोई के माध्यम से राष्ट्रपति महोदया को ज्ञापन भेजकर अधिकारियों के सरकारी एवं विभागीय कार्यों में इस्तेमाल किए जा रहे निजी मोबाइल नंबरों को सार्वजनिक करने और फोन पर जवाबदेही तय करने की मांग की गई।
🛑 पार्टी ने अपने ज्ञापन में कहा कि सरकारी अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान और प्रशासनिक कार्यों के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन अक्सर नागरिकों को अधिकारियों के फोन का जवाब नहीं मिलता। कई बार मिस्ड कॉल के बावजूद अधिकारी वापस संपर्क भी नहीं करते। इससे आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं, शिकायतों और जरूरी प्रशासनिक कार्यों के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
📌आजाद अधिकार सेना ने अधिकारियों के मोबाइल नंबरों की दो श्रेणियां बताते हुए कहा कि पहली श्रेणी में सरकार की ओर से उपलब्ध कराए गए आधिकारिक मोबाइल नंबर हैं, जो सामान्यतः सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित होते हैं। दूसरी श्रेणी में अधिकारियों के निजी मोबाइल नंबर शामिल हैं, जिन्हें विभाग सरकारी कामकाज और नागरिकों से संपर्क के लिए इस्तेमाल करता है, लेकिन ये नंबर प्रायः विभागीय वेबसाइटों पर सार्वजनिक नहीं होते।
📍पार्टी की मांग है कि सरकारी कार्यों के लिए विभाग द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे निजी मोबाइल नंबरों को भी आधिकारिक संपर्क नंबर मानकर संबंधित विभाग की वेबसाइटों, कार्यालयों के सूचना-पट्टों और सार्वजनिक निर्देशिकाओं में प्रदर्शित किया जाए। दोनों श्रेणियों के नंबरों पर समान जवाबदेही लागू होनी चाहिए।
🛑 चार कार्य घंटों में जवाब या कॉल बैक की मांग
ज्ञापन में अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं। इनमें विभागीय वेबसाइटों पर अधिकारियों का नाम, पदनाम, कार्यक्षेत्र और दोनों प्रकार के मोबाइल नंबर प्रदर्शित करना शामिल है।
📌 पार्टी ने मांग की है कि निर्धारित कार्यालय समय में अधिकारी फोन पर उपलब्ध रहें। सामान्य कॉल का जवाब अथवा मिस्ड कॉल पर अधिकतम चार कार्य घंटों के भीतर कॉल बैक किया जाए। आपातकालीन मामलों के लिए वैकल्पिक संपर्क व्यवस्था बनाई जाए।
इसके अतिरिक्त दोनों प्रकार के मोबाइल नंबरों पर आने वाली कॉल, मिस्ड कॉल और कॉल बैक की नियमित निगरानी हो तथा वरिष्ठ अधिकारी इसकी मासिक समीक्षा करें। लगातार और बिना उचित कारण फोन का जवाब नहीं देने वाले अधिकारियों के विरुद्ध शिकायत की जांच कर उचित प्रशासनिक कार्रवाई की जाए। विभागों को अनुपालन की त्रैमासिक सार्वजनिक रिपोर्ट जारी करने की व्यवस्था भी करनी चाहिए।
🔴 नेवादा चौगवां में बाढ़ राहत की धनराशि में कथित भ्रष्टाचार का आरोप
ज्ञापन कार्यक्रम के दौरान पार्टी ने हरदोई की ग्राम पंचायत नेवादा चौगवां में बाढ़ पीड़ित किसानों और प्रभावित परिवारों के लिए स्वीकृत करोड़ों रुपये की धनराशि के वितरण में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया।
📍पार्टी की ओर से आरोप लगाया गया कि बाढ़ आपदा के नाम पर स्वीकृत धनराशि में बिचौलियों तथा तहसील प्रशासन की मिलीभगत से भ्रष्टाचार किया गया है। इस मामले में उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराए जाने और दोषी पाए जाने वाले संबंधित लोगों तथा अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की गई।
📌 पार्टी ने मांग की कि बाढ़ राहत के लिए स्वीकृत कुल धनराशि, लाभार्थियों की सूची, पात्रता निर्धारण, भुगतान का विवरण और वास्तविक प्रभावित किसानों एवं परिवारों को मिली सहायता की जांच कराई जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि सरकारी सहायता का लाभ वास्तविक बाढ़ पीड़ितों तक पहुंचा है या नहीं।
🛑 पारदर्शी प्रशासन और पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग
आजाद अधिकार सेना का कहना है कि सरकारी अधिकारियों की जनता के प्रति जवाबदेही और आपदा राहत राशि के वितरण में पारदर्शिता लोकतांत्रिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। अधिकारियों के फोन पर उपलब्ध नहीं होने से लेकर आपदा राहत में कथित अनियमितताओं तक, प्रत्येक मामले में जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
📍पार्टी ने राष्ट्रपति महोदया से ज्ञापन को संबंधित मंत्रालयों एवं विभागों तक पहुंचाकर केंद्र और राज्य सरकारों के लिए प्रभावी नीति अथवा कानूनी व्यवस्था बनाने पर विचार करने का अनुरोध किया है, ताकि सरकारी कार्यों के लिए इस्तेमाल किए जा रहे निजी मोबाइल नंबर भी सार्वजनिक हों और सभी अधिकारियों पर समान जवाबदेही लागू हो सके।
📍 ज्ञापन कार्यक्रम में ये पदाधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर जोनल अध्यक्ष विमलेश शर्मा, जिला अध्यक्ष सुशील गोस्वामी, 156 सदर विधानसभा प्रभारी/प्रत्याशी मोहित मिश्रा, मुकेश अग्निहोत्री, अनुसूचित मोर्चा जिला अध्यक्ष छविनाथ, सूर्या सिंह, अशोक कुमार, सुधीर कुमार सहित आजाद अधिकार सेना के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
🔴 अब देखना होगा कि प्रशासन इन मांगों पर क्या कदम उठाता है और नेवादा चौगवां में बाढ़ राहत राशि के वितरण से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच कब तक कराई जाती है। 👉 https://youtu.be/OZrdYQe5l9E? si=5wA7fb8Avui565WH

