SIT की पूछताछ में गोविंद शर्मा के कई दावे, पार्षद वेलफेयर एसोसिएशन पर वसूली का आरोप; NOC को लेकर लगाए गंभीर आरो

कानपुर नगर निगम के टेंडर और फर्म घोटाले के मामले में आरोपी ठेकेदार गोविंद शर्मा से SIT ने दूसरी बार पूछताछ की। करीब डेढ़ घंटे चली पूछताछ में 20 से अधिक सवाल पूछे गए। सूत्रों के अनुसार गोविंद शर्मा ने पार्षद वेलफेयर एसोसिएशन पर वसूली के आरोप लगाए और NOC को कमीशन से जोड़ने का दावा किया। SIT ने उससे फर्म, हॉट मिक्स प्लांट, बैंक खातों, GST, आयकर और कराए गए कार्यों से जुड़े दस्तावेज भी मांगे हैं।

SIT की पूछताछ में गोविंद शर्मा के कई दावे, पार्षद वेलफेयर एसोसिएशन पर वसूली का आरोप; NOC को लेकर लगाए गंभीर आरो

SIT की पूछताछ में गोविंद शर्मा से 20 से अधिक सवाल

कानपुर। कानपुर नगर निगम में टेंडर और फर्म घोटाले के मामले में आरोपी ठेकेदार गोविंद शर्मा से SIT ने दूसरी बार पूछताछ की। नोटिस मिलने के बाद गोविंद शर्मा स्वरूप नगर थाने पहुंचा, जहां SIT ने करीब डेढ़ घंटे तक 20 से अधिक सवाल पूछे।

सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान गोविंद शर्मा ने नगर निगम में टेंडर, NOC और कथित कमीशन को लेकर कई दावे किए। हालांकि, उसके द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

पार्षद वेलफेयर एसोसिएशन पर वसूली का आरोप

सूत्रों के अनुसार पूछताछ में गोविंद शर्मा ने पार्षद वेलफेयर एसोसिएशन पर वसूली के आरोप लगाए। उसने दावा किया कि एसोसिएशन का इस्तेमाल वसूली के लिए किया जाता था और बिना कथित कमीशन के अनापत्ति प्रमाण पत्र यानी NOC नहीं मिलता था।

उसने यह भी दावा किया कि नगर निगम के अधिकतर विकास कार्य एसोसिएशन से जुड़े पार्षदों के क्षेत्रों में ही कराए जाते थे।

दो वार्डों से गुजरने वाली सड़क को लेकर किया दावा

गोविंद शर्मा के कथित बयान के अनुसार यदि कोई सड़क दो वार्डों से होकर गुजरती है तो दोनों वार्डों के पार्षदों से NOC लेने की प्रक्रिया में कथित तौर पर पैसे की मांग की जाती थी।

उसने SIT के सामने कई पार्षदों और कथित सिंडिकेट से जुड़े लोगों के नाम बताए जाने का भी दावा किया है। हालांकि इन आरोपों और नामों की जांच के बाद ही उनकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

टेंडर की रकम को लेकर भी लगाए गंभीर आरोप

पूछताछ में गोविंद शर्मा ने कथित तौर पर यह दावा भी किया कि नगर निगम में बिना रिश्वत के काम नहीं होता था। उसने टेंडर की कुल रकम में से 40 प्रतिशत हिस्से के कथित बंटवारे का आरोप लगाया।

उसके अनुसार कथित तौर पर यह रकम पार्षदों से लेकर मुख्य अभियंता स्तर के अधिकारियों तक बांटी जाती थी। उसने यह भी दावा किया कि ठेकेदार को करीब 20 प्रतिशत हिस्सा मिलता था और शेष रकम से काम कराया जाता था।

इन दावों की SIT द्वारा जांच की जा रही है और फिलहाल इन्हें गोविंद शर्मा के आरोप/दावे के तौर पर ही देखा जा रहा है।

हॉट मिक्स प्लांट और मशीनरी की जानकारी मांगी

पूछताछ के दौरान SIT ने गोविंद शर्मा से उसके हॉट मिक्स प्लांट से जुड़ी जानकारी भी मांगी।

जांच टीम ने पूछा कि उसके पास प्लांट के संचालन के लिए कौन-कौन सी मशीनरी उपलब्ध है। इसके अलावा प्लांट के अभिलेख, उनके नवीनीकरण से जुड़े रिकॉर्ड और नगर निगम में ठेका पंजीकरण के समय जमा किए गए दस्तावेजों की जानकारी भी मांगी गई।

बैंक स्टेटमेंट, GST और इनकम टैक्स रिकॉर्ड भी मांगे

पुलिस ने गोविंद शर्मा की फर्म से जुड़े बैंक स्टेटमेंट, GST और इनकम टैक्स रिकॉर्ड भी मांगे हैं।

इसके साथ ही उसके द्वारा कराए गए कार्यों के क्वालिटी सर्टिफिकेट और अन्य दस्तावेजों की जानकारी ली गई। नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की कथित संलिप्तता के संबंध में भी उससे पूछताछ की गई।

हालांकि, इस बार भी गोविंद शर्मा टेंडर और बैंक खातों से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज लेकर नहीं पहुंचा।

तबीयत खराब होने का हवाला, 2-3 दिन का समय मांगा

ADCP सेंट्रल डॉ. अर्चना सिंह के अनुसार गोविंद शर्मा को नोटिस देकर बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया था।

उससे फर्म, हॉट मिक्स प्लांट, वित्तीय लेन-देन और कराए गए कार्यों के प्रमाण से जुड़े दस्तावेज मांगे गए हैं। पुलिस के मुताबिक वह मुकदमे से संबंधित सभी अभिलेख लेकर नहीं पहुंचा।

गोविंद शर्मा ने तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए 2 से 3 दिन में सभी दस्तावेज उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।

फजलगंज में दर्ज है रंगदारी का मुकदमा

नगर निगम के टेंडर और फर्म घोटाले के मामले में पुलिस ने कुल 6 FIR दर्ज की थीं। इनमें नगर निगम के अधिकारियों की ओर से पांच मुकदमे स्वरूप नगर थाने में फर्मों के खिलाफ दर्ज कराए गए थे।

वहीं ठेकेदार सनी सिंह की तहरीर पर फजलगंज थाने में गोविंद शर्मा, रज्जन बाजपेई और संदीप जैन के खिलाफ रंगदारी का मुकदमा दर्ज हुआ था।

पुलिस रज्जन बाजपेई और संदीप जैन को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि गोविंद शर्मा फरार हो गया था।

हाईकोर्ट से मिली थी अंतरिम राहत

गिरफ्तारी से बचने के लिए गोविंद शर्मा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया था। अदालत ने उसे जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए थे और उसकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाई थी।

अब SIT की पूछताछ और मांगे गए दस्तावेजों के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बिंदास बोल न्यूज़ विशेष संवाददाता