कोपरगंज-जीटी रोड नाला निर्माण पर उठे सवाल, पुरानी ईंटों के इस्तेमाल का आरोप
कानपुर के कोपरगंज चौराहे से जीटी रोड तक नगर निगम द्वारा कराए जा रहे नाला निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। मौके पर नाले के चैंबर निर्माण में पुरानी और मिट्टी लगी ईंटों के इस्तेमाल का आरोप लगाया गया है। इस नाला निर्माण कार्य का उल्लेख नगर निगम के ई-टेंडर रिकॉर्ड में दर्ज है। ऐसे में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कोपरगंज-जीटी रोड नाला निर्माण पर उठे सवाल, पुरानी ईंटों के इस्तेमाल का आरोप
कानपुर। कानपुर नगर निगम की निर्माण कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। कोपरगंज चौराहे से जीटी रोड तक कराए जा रहे नाला निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी किए जाने के आरोप सामने आए हैं। मौके पर नाले के चैंबर निर्यात किया।में पुरानी और मिट्टी लगी ईंटों के इस्तेमाल का आरोप लगाया गया है।
उत्तर प्रदेश सरकार के ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर दर्ज रिकॉर्ड के अनुसार, जोन-1 के वार्ड-1, लक्ष्मीपुरवा के अंतर्गत कोपरगंज चौराहे से जीटी रोड तक नाला निर्माण कार्य नगर निगम द्वारा प्रस्तावित है।
स्थानीय स्तर पर आरोप है कि निर्माण स्थल पर नाले के चैंबर के लिए ऐसी ईंटों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिन पर मिट्टी लगी दिखाई दे रही है और जो नई निर्माण सामग्री की गुणवत्ता के लिहाज से सवाल खड़े करती हैं। हालांकि, इन ईंटों की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुरूप होने अथवा न होने की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
नंनिर्माण स्थल जीटी रोड से सटा हुआ है। यह मार्ग भारी यातायात वाले प्रमुख मार्गों में शामिल है। ऐसे में नाले और उसके चैंबर का निर्माण मजबूत एवं निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार होना महत्वपूर्ण माना जा सकता है। निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता में कमी होने पर भविष्य में चैंबर के क्षतिग्रस्त होने अथवा सड़क की सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल
सबसे बड़ा सवाल नगर निगम की निर्माण कार्यों की निगरानी व्यवस्था को लेकर है। यदि मौके पर निर्माण सामग्री की गुणवत्ता को लेकर शिकायत या आपत्ति सामने आ रही है तो संबंधित अभियंता और निरीक्षण टीम द्वारा सामग्री की जांच क्यों नहीं की जा रही है?
क्या निर्माण में इस्तेमाल की जा रही ईंटों की गुणवत्ता कातकनीकी परीक्षण कराया गया है? क्या मौके पर मौजूद सामग्री को स्वीकृत निर्माण मानकों के अनुरूप पाया गया है? और यदि सामग्री मानकों के अनुरूप नहीं है तो उसे निर्माण कार्य में इस्तेमाल करने की अनुमति किस स्तर से मिली?
इन सवालों का जवाब नगर निगम के संबंधित अधिकारियों से अपेक्षित है।
जांच की मांग
मामले में मांग उठ रही है कि नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का निरीक्षण करें और इस्तेमाल की जा रही ईंटों समेत अन्य निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच कराएं। यदि सामग्री निर्धारित मानकों के विपरीत पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए और मानक के अनुरूप सामग्री से ही निर्माण कराया जाए।फिलहाल यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नगर निगम प्रशासन इन आरोपों का संज्ञान लेकर मौके पर जांच कराता है या नहीं।
नोट: उपलब्ध आधिकारिक ई-टेंडर रिकॉर्ड में कोपरगंज चौराहे से जीटी रोड तक नाला निर्माण कार्य दर्ज है, लेकिन पुरानी अथवा मिट्टी लगी ईंटों के इस्तेमाल के आरोप की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए यह खबर आरोप और जांच की मांग के आधार पर प्रस्तुत की जा रही है।
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