विनीत मिनोचा हत्याकांड: शालू-विशाल समेत तीन आरोपियों की 24 घंटे की रिमांड पर सुनवाई आज, सुब्रत से होगा आमना-सामना
कानपुर के दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में जेल में बंद बहू शालू, पूर्व कर्मचारी विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर की 24 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड पर आज सुनवाई होगी। पुलिस ने तीनों से पूछताछ के लिए रिमांड मांगी है। रिमांड मिलने पर पुलिस आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ के साथ कारोबारी के बेटे सुब्रत से आमना-सामना कराने की तैयारी में है। जांच में सुब्रत और विशाल के बीच 1 मई से 5 सितंबर तक 309 बार बातचीत, डुप्लीकेट चाबी और वारदात से पहले की गतिविधियों से जुड़े कई सवाल सामने आए हैं। हालांकि सुब्रत की गिरफ्तारी नहीं हुई है और उसकी भूमिका की जांच जारी है।
कानपुर। दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में जेल में बंद बहू शालू, पूर्व कर्मचारी विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर की 24 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड पर शनिवार को सुनवाई होगी। पुलिस ने तीनों आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ करने के लिए अदालत में प्रार्थना पत्र दिया है। रिमांड मिलने पर पुलिस हत्या की साजिश, डुप्लीकेट चाबी, आरोपियों की गतिविधियों और वारदात से पहले व बाद के संपर्कों से जुड़े सवालों के जवाब तलाशेगी।
पुलिस की तैयारी है कि शालू और विशाल से अलग-अलग पूछताछ के बाद उनका कारोबारी के बेटे सुब्रत से भी आमना-सामना कराया जाए। पुलिस का मानना है कि पूछताछ और उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को आमने-सामने रखकर घटना की कड़ियों को और स्पष्ट किया जा सकता है।
20 से अधिक सवालों की सूची तैयार
पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के लिए सवालों की विस्तृत सूची तैयार की है। शालू से मुख्य रूप से हत्या की कथित साजिश, डुप्लीकेट चाबी बनवाने, विशाल से संपर्क और वारदात वाली रात की गतिविधियों को लेकर सवाल किए जाने हैं।
पुलिस यह भी जानना चाहती है कि फ्लैट की चाबी विशाल तक कैसे पहुंची और डुप्लीकेट चाबी कहां बनवाई गई। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस चाबी की बरामदगी और संबंधित स्थान की तस्दीक भी करना चाहती है।
विशाल से हत्या के लिए कथित तौर पर किसके संपर्क में रहने, राजकिशोर को साथ लेने, वारदात से पहले और बाद में की गई बातचीत तथा हत्या के बाद भागने की योजना से जुड़े सवाल पूछे जाने की तैयारी है।
सुब्रत से विशाल की 309 बार बातचीत
जांच के दौरान पुलिस ने शालू, सुब्रत और विशाल के सात मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाली है। रिपोर्टों के मुताबिक, 1 मई से 5 सितंबर के बीच सुब्रत और विशाल के बीच 309 बार बातचीत सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक हत्या से करीब दो दिन पहले विशाल ने नया जियो सिम भी खरीदा था और उस नंबर से सुब्रत से बातचीत की थी। पुलिस इस संपर्क के उद्देश्य को लेकर सुब्रत से पूछताछ कर रही है।
पुलिस ने यह सवाल भी उठाया है कि जब सुब्रत की फर्म में कर्मचारी और घर पर घरेलू स्टाफ मौजूद था, तो विशाल से लगातार संपर्क रखने की जरूरत क्यों पड़ती थी। सुब्रत ने पुलिस को बताया है कि वह विशाल को छोटे-मोटे काम के लिए फोन करता था और वह बिजली का अच्छा मैकेनिक था।
डुप्लीकेट चाबी भी जांच का अहम बिंदु
पुलिस की जांच में फ्लैट की डुप्लीकेट चाबी का मामला भी अहम बना हुआ है। पुलिस का दावा है कि शालू ने विशाल को फ्लैट की चाबी उपलब्ध कराई थी और विशाल ने उससे डुप्लीकेट चाबी बनवाई।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मूल चाबी कौन-सी थी, उसे विशाल तक कैसे पहुंचाया गया और डुप्लीकेट चाबी किस दुकान पर तैयार कराई गई। रिमांड मिलने पर पुलिस इन बिंदुओं पर आरोपियों से पूछताछ और संबंधित स्थानों की तस्दीक करना चाहती है।
हत्या की रात पार्टी में थे सुब्रत और लालू
पुलिस के मुताबिक 5 सितंबर की रात विनीत मिनोचा की हत्या के दौरान उनके बेटे सुब्रत और बहू शालू तिलक नगर स्थित कॉस्मोजिन लाउंज में कपल किटी पार्टी में गए थे। पुलिस ने पार्टी के समय, बुकिंग और बिल से जुड़े रिकॉर्ड भी जांचे हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक पार्टी में करीब 35 लोग शामिल थे और दोनों रात करीब 10:30 बजे लाउंज पहुंच गए थे। पार्टी के रिकॉर्ड के अनुसार उनका वहां से निकलना रात करीब 3 बजे हुआ।
पुलिस ने पार्टी के खर्च को लेकर भी सुब्रत से सवाल किए हैं। बताया गया है कि पार्टी का बिल करीब 49 हजार रुपये था। पुलिस पूछताछ में सुब्रत ने अपनी और शालू की मासिक आय/खर्च से जुड़ी जानकारी दी थी। इसी आधार पर पुलिस ने पार्टी के खर्च के स्रोत को लेकर सवाल किए।
सोशल मीडिया पोस्ट भी जांच के दायरे में
जांच के दौरान पुलिस ने सुब्रत के सोशल मीडिया अकाउंट की गतिविधियों को भी देखा है। रिपोर्टों के मुताबिक हत्या के बाद उसके फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट से कुछ फोटो, रील और पोस्ट हटाए गए।
पुलिस इन डिजिटल गतिविधियों की टाइमलाइन को भी जांच का हिस्सा मान रही है। हालांकि किसी पोस्ट को हटाना अपने आप में अपराध में संलिप्तता का प्रमाण नहीं है और इसकी परिस्थितियों की जांच जरूरी है।
वसीयत की भी जांच
पुलिस को विनीत मिनोचा की पत्नी पुनीता मिनोचा की जून 2022 में तैयार की गई वसीयत का दस्तावेज भी मिला है। पुलिस इसकी जांच कर रही है कि संपत्ति से संबंधित इसमें क्या प्रावधान किए गए थे और क्या इसका हत्या की संभावित वजह से कोई संबंध है।
फिलहाल सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट नहीं है कि वसीयत में संपत्ति किसके नाम की गई थी। इसलिए इस पहलू को पुलिस की जांच का हिस्सा बताया जा रहा है, निष्कर्ष के रूप में नहीं।
5 सितंबर की रात हुई थी हत्या
विनीत मिनोचा की 5 सितंबर की रात रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट स्थित उनके फ्लैट में हत्या कर दी गई थी। पुलिस के अनुसार उनके शरीर पर चाकू से कई वार किए गए थे।
पुलिस ने अगले दिन पूर्व कर्मचारी विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर को गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में विशाल ने शालू पर हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया। इसके बाद शालू को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
पुलिस अब तीनों आरोपियों की कस्टडी रिमांड लेकर हत्या से जुड़े उन तथ्यों की जांच करना चाहती है, जिन्हें अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं माना जा रहा है।
सुब्रत की भूमिका की जांच जारी
हत्याकांड की जांच अब कारोबारी के बेटे सुब्रत की गतिविधियों तक भी पहुंच गई है। पुलिस ने उससे लगातार पूछताछ की है और कई सवालों के जवाब लिए हैं। कुछ सवालों पर उसके जवाब पुलिस जांच के लिए पर्याप्त नहीं माने जा रहे हैं।
हालांकि सुब्रत को इस मामले में अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है। उसकी भूमिका को लेकर पुलिस जांच कर रही है। रिमांड मिलने पर शालू, विशाल और राजकिशोर से पूछताछ के दौरान सुब्रत से आमना-सामना कराने की तैयारी है।
पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े कई तथ्य अभी सामने आना बाकी हैं। रिमांड के दौरान पूछताछ, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और अन्य जांच से इन कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
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