आलू किसानों को बड़ी राहत: भंडारण प्रभार पर मिलेगा ₹100 प्रति क्विंटल अनुदान, 20 हजार तक लाभ

कानपुर के आलू उत्पादक किसानों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में निजी शीतगृहों में भंडारित आलू के भंडारण प्रभार पर ₹100 प्रति क्विंटल की दर से अनुदान देने की योजना संचालित की है। पात्र किसान अधिकतम 2 हेक्टेयर भूमि के लिए ₹20,000 तक का लाभ ले सकते हैं। इसके साथ ही भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना और आलू बीज की बुकिंग की सुविधा का भी लाभ लिया जा सकता है।

Oct 2, 2026 - 18:20
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आलू किसानों को बड़ी राहत: भंडारण प्रभार पर मिलेगा ₹100 प्रति क्विंटल अनुदान, 20 हजार तक लाभ

आलू किसानों को भंडारण पर मिलेगा ₹100 प्रति क्विंटल अनुदान

कानपुर के आलू उत्पादक किसानों के लिए राहत की खबर है। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से वित्तीय वर्ष 2026-27 में निजी शीतगृहों में भंडारित आलू के भंडारण प्रभार पर अनुदान योजना संचालित की जा रही है।

जिला उद्यान अधिकारी उमेश चन्द्र उत्तम ने बताया कि योजना का उद्देश्य किसानों को शीतगृहों में आलू भंडारण की लागत कम करने के साथ बाजार भाव में गिरावट की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।

अधिकतम ₹20 हजार तक मिल सकता है लाभ

भंडारण प्रभार पर अनुदान योजना के तहत निजी शीतगृहों में भंडारित आलू पर किसानों को ₹100 प्रति क्विंटल की दर से अनुदान दिया जाएगा।

पात्र किसान अधिकतम 2 हेक्टेयर भूमि के लिए इस योजना का लाभ ले सकते हैं। एक किसान को अधिकतम ₹20,000 तक का अनुदान मिल सकता है।

आवेदन के लिए ये दस्तावेज जरूरी

योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। इनमें प्रमुख रूप से—

  • आधार कार्ड
  • बैंक पासबुक
  • आलू रोपित क्षेत्रफल के निर्धारण के लिए खसरा-खतौनी
  • शीतगृह द्वारा जारी आमद रसीद/तकपट्टी/भंडारण रसीद
  • भंडारण प्रभार भुगतान रसीद
  • निकासी रसीद
  • गेटपास

शामिल हैं।

भाव गिरने पर भामाशाह भाव स्थिरता कोष से भी मिलेगी सहायता

जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना का भी पात्र आलू उत्पादक किसान लाभ उठा सकते हैं।

इस योजना के तहत आलू के बाजार भाव में निर्धारित स्तर से गिरावट आने पर पात्र किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

किसान ID और एग्रीटेक पोर्टल पर पंजीकरण जरूरी

योजना का लाभ लेने के लिए किसान का किसान आईडी धारक होना और एग्रीटेक पोर्टल पर पंजीकृत आलू उत्पादक होना जरूरी है।

इसके अलावा व्यापारी और आलू किसान के बीच क्रय-विक्रय सौदा प्रपत्र-06 होना आवश्यक है। रोपित क्षेत्रफल का निर्धारण अद्यतन राजस्व अभिलेखों के आधार पर किया जाएगा।

योजना का लाभ प्रदेश की संचालित मंडियों में किसानों द्वारा बेचे गए FAQ गुणवत्ता के 30 से 80 एमएम आकार के आलू पर ही देय होगा।

आलू बीज की बुकिंग भी करा सकेंगे किसान

कानपुर जिले के किसान कु. मोहन, कु. चिप्सोना, कु. बहार और कु. ख्याति आदि F-1 प्रजातियों के आलू बीज की बुकिंग भी करा सकते हैं।

समय से करें पंजीकरण और आवेदन

जिला उद्यान अधिकारी ने जिले के सभी आलू उत्पादक किसानों से अपील की है कि योजनाओं का लाभ लेने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समय से अपना पंजीकरण/आवेदन पूरा करें।

किसान potato.uphorticulture.in पोर्टल के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए कार्यालय जिला उद्यान अधिकारी, कानपुर नगर अथवा मोबाइल नंबर 9151066897 पर संपर्क किया जा सकता है।

बिंदास बोल न्यूज़ विशेष संवाददाता

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